home page

सब्सक्रिप्शन के लिए कल खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ, 28 अक्टूबर को हो सकती है लिस्टिंग

 | 
सब्सक्रिप्शन के लिए कल खुलेगा जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ, 28 अक्टूबर को हो सकती है लिस्टिंग


नई दिल्ली, 20 अक्टूबर (हि.स.)। डिजिटल कनेक्टिविटी, डिजिटल सेवाएं और टेक्नोलॉजी से जुड़े सॉल्यूशंस प्रदान करने के साथ ही देशभर में कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर का संचालन करने वाली दिग्गज कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड का 30,213 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक आईपीओ कल यानी 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया जाएगा। इस आईपीओ में निवेशक 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 26 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट फाइनल किया जाएगा, जबकि 27 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। इसी दिन रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। कंपनी के शेयर 28 अक्टूबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 1,065 रुपये से लेकर 1,119 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 12 शेयरों का है। इस आईपीओ में खुदरा निवेशक (रिटेल इंवेस्टर्स) कम से कम एक लॉट यानी 12 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 13,428 रुपये का न्यूनतम निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर अधिकतम 1,87,992 रुपये के निवेश से 14 लॉट में 168 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27 करोड़ नए इक्विटी शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसमें कोई ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) नहीं है। इस आईपीओ में कंपनी के कर्मचारियों के लिए 46,94,835 शेयर (1.74 प्रतिशत) रिजर्व रखे गए हैं, जिन्हें 54 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट भी मिलेगा।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए कुल नेट ऑफर का 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इस पूरे मेगा इश्यू के लिए कोटक महिंद्रा कैपिटल, मॉर्गन स्टेनली और बोफा सिक्योरिटीज सहित कुल 19 दिग्गज संस्थानों को बुक रनिंग लीड मैनेजर्स बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार नियुक्त किया गया है।

जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए दस्तावेजों में उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले तीन वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 21,434 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 26,120.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 30,052.70 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 7,764.10 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1,10,175.40 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,29,333 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल राजस्व प्राप्ति में और इजाफा हुआ, जिससे यह बढ़कर 1,49,759.10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 40,197.90 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर कुल 54,348.90 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 73,060.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ घट कर 70,781 करोड़ रुपये रह गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल कर्ज का बोझ और कम होकर 61,372.20 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है।

कंपनी की कुल संपत्ति में भी इस दौरान लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड की कुल संपत्ति 5,39,580.40 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 5,81,233.80 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 6,15,594 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 6,22,905.30 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी लगातार मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की है। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 2,68,927.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2,95,083.40 करोड़ रुपये हो गया। वहीं वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 3,25,074.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक यह और बढ़ कर 3,32,839.50 करोड़ रुपये हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा देखने को मिला है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 2,77,866.10 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3,04,022.40 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 3,34,013.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत में कंपनी का नेटवर्थ 3,41,778.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

इसी तरह कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में भी लगातार मजबूत उछाल देखने को मिला। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का ईबीआईटीडीए 54,958.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 64,170 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए शानदार बढ़त के साथ 76,255.40 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी का ईबीआईटीडीए 20,864.50 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

-----------

हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक