पांच जून को लॉन्च होगा हेक्सागॉन न्यूट्रिशन का आईपीओ, 12 जून को बीएसई और एनएसई पर हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 27 मई (हि.स.)। न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स बनाने वाली कंपनी हेक्सागॉन न्यूट्रिशन ने अपने आईपीओ की लॉन्चिंग का ऐलान कर दिया है। कंपनी का 138.87 करोड़ रुपये का आईपीओ पांच जून को खुलेगा। इस आईपीओ में निवेशक नौ जून तक बोली लगा सकेंगे। एंकर इन्वेस्टर्स इस आईपीओ में चार मार्च को बोली लगाएंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 10 जून को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 11 जून को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 12 जून को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 42 रुपये से लेकर 45 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 333 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 333 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे, जिसके लिए उन्हें 14,985 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर्स 1,94,805 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 4,329 शेयरों के लिए बोली लगा सकेंगे। इस आईपीओ के तहत एक रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,08,59,704 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये जारी किए जाएंगे।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए कम्युलेटिव कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
हेक्सागॉन न्यूट्रिशन की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 5.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 12.21 करोड़ रुपये और 2024-25 में उछल कर 24.38 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 27.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 281.65 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 304.62 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 331.29 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 275.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 51.87 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 36.89 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में और कम होकर 26.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 39.79 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 163.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 176.29 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 195.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 223.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 152.30 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 164.51 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 183.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 210.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 17.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 24.88 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 40.07 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 37.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

