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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला हैप्पी स्टील्स का आईपीओ,13 जुलाई तक लगा सकते हैं बोली

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सब्सक्रिप्शन के लिए खुला हैप्पी स्टील्स का आईपीओ,13 जुलाई तक लगा सकते हैं बोली


नई दिल्ली, 09 जुलाई (हि.स.)। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और डिफेंस एप्लिकेशंस के लिए एक्सल, साफ्ट और स्पिंडल्स जैसी चीजों का निर्माण करने वाली कंपनी हैप्पी स्टील्स लिमिटेड का 25 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 13 जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 14 जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 15 जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 16 जुलाई को एनएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। आज दोपहर 11 बजे तक इस आईपीओ को सिर्फ पांच प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 62 रुपये से लेकर 66 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 2,000 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 4,000 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,64,000 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 37.88 लाख नए शेयर जारी हो रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.47 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.26 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.26 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.01 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए शेयर इंडिया कैपिटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं शेयर इंडिया सिक्योरिटीज लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

हैप्पी स्टील्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.69 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 2.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 7.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 82.24 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में मामूली बढ़ोतरी के साथ 82.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति अच्छी तेजी आई। इस साल कंपनी को 96.57 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में इस दौरान उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 35.69 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में मामूली गिरावट के साथ 34.21 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले साल यानी पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 47.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 29.04 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 31.38 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस कम होकर 29.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 30.54 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 32.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में भी कंपनी के नेटवर्थ ने छलांग लगाई। इस वित्त वर्ष के अंत तक कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 39.98 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी की ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) में इस दौरान उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 11.08 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में घट कर 8.49 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत तक कंपनी की ईबीआईटीडीए उछल कर 15.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक