सब्सक्रिप्शन के लिए खुला फ्लाई हाई मेरिटाइम ट्रैवल का पब्लिक इश्यू, तीन सितंबर तक लगा सकते हैं बोली
नई दिल्ली, 01 सितंबर (हि.स.)। मेरिटाइम ट्रैवल कंपनी फ्लाई हाई मेरिटाइम ट्रैवल्स लिमिटेड का 52.63 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में तीन सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद चार सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि सात सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर आठ सितंबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन यह आईपीओ सिर्फ एक प्रतिशत सब्सक्राइब हो सका है।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 102 रुपये प्रति शेयर का मूल्य तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 1,200 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 2,400 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,44,800 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 51.60 लाख शेयर जारी हो रहे हैं। इनमें लगभग 43 करोड़ रुपये के 41,60,400 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। इसके अलावा लगभग 10 करोड़ रुपये के 9,99,600 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 47.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसी तरह और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 47.44 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.12 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए कॉरपोरेट मेकर्स कैपिटल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं भाईजी ब्रोकिंग एंड इनवेस्टमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।
फ्लाई हाई मेरिटाइम ट्रैवल्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.82 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 8.43 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 45.41 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 45.75 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 62.21 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदा कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 4.84 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 10.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 12.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.53 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 17.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर भी लगातार सफलता मिली। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 9.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस उछल कर 12.95 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 2.68 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5.27 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 12.49 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

