आर्मी इन्फोटेक का आईपीओ लॉन्च, 30 सितंबर को हो सकती है लिस्टिंग
नई दिल्ली, 23 सितंबर (हि.स.)। एंड टू एंड आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी मैनेज्ड सर्विसेज और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी आर्मी इन्फोटेक लिमिटेड का 300 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 25 सितंबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 28 सितंबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 29 सितंबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 30 सितंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद दोपहर 1:30 बजे तक यह आईपीओ 40 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 350 रुपये से लेकर 375 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 40 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम-से-कम एक लॉट यानी 40 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 15,000 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,95,000 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 520 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत दस रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 80 लाख नए शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 25 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 52.50 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए खांडवाला सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि कैमियो कॉरपोरेट सर्विसेज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
आर्मी इन्फोटेक की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार-चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 50.13 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 41.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 45.47 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,023.99 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,315.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति उछल कर 1,410.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 27.26 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 174.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के नेटवर्थ में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 95.18 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में ये बढ़ कर 136.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 182.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 71.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 58.64 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 75.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

