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एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज का आईपीओ लॉन्च, पहले दिन ही हुआ फुली सब्सक्राइब

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एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज का आईपीओ लॉन्च, पहले दिन ही हुआ फुली सब्सक्राइब


नई दिल्ली, 30 सितंबर (हि.स.)। भारतीय रेलवे कंपोनेंट्स और मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज क्षेत्र से जुड़ी कंपनी एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड का 121.69 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में 6 अक्टूबर तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 7 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 8 अक्टूबर को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 9 अक्टूबर को बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर लिस्ट हो सकते हैं। लॉन्चिंग के बाद पहले दिन के अंत तक ये आईपीओ 1.76 गुना सब्सक्राइब हो चुका था।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 186 रुपये से लेकर 196 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 600 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स को दो लॉट यानी 1,200 शेयरों के लिए बोली लगाना होगा, जिसके लिए उन्हें 2,35,200 रुपये का निवेश करना होगा। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 62,08,800 शेयर जारी हो रहे हैं, जिसमें लगभगह 106 करोड़ रुपये के 54,07,200 नए शेयर और लगभग 16 करोड़ रुपये के 8,01,600 शेयरों का ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) शामिल है।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 47.43 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 33.24 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए 14.26 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा मार्केट मेकर के लिए 5.07 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इस इश्यू के लिए हेम सिक्योरिटीज लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है। वहीं हेम फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का मार्केट मेकर है।

एक्मे इंडिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक उतार चढ़ाव के बावजूद इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 19.21 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 16.46 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 24.36 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 215.02 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 213.45 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 267.89 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 69.80 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 81.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 85.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 217.60 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 272.45 करोड़ रुपये हो गई। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 382.79 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर लगातार बढ़त हासिल हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 27.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 38.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बढ़ कर 85.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 35.63 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का

नेटवर्थ बढ़ कर 55.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 103.55 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 29.57 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में कम होकर 28.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 39.82 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक