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आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, पहले दिन ही 95 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ पब्लिक इश्यू

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आस्था स्पिनटेक्स के आईपीओ को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, पहले दिन ही 95 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ पब्लिक इश्यू


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स.)। कॉटन यार्न का प्रोडक्शन करने वाली कंपनी आस्था स्पिनटेक्स का 170 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ में एक जुलाई तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दो जुलाई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि तीन जुलाई को अलॉटेड शेयर डीमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर छह जुलाई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन यह आईपीओ 95 प्रतिशत सब्सक्राइब हुआ है।

इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 125 रुपये से लेकर 136 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 110 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट यानी 110 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,960 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,94,480 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,430 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.25 करोड़ नए शेयर बेचे जा रहे हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए 20 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 40 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए भी 40 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए बीओआई मर्चेंट बैंकर्स लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है, जबकि बिगशेयर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

आस्था स्पिनटेक्स की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 1.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 16.29 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 22.92 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 17.56 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 239.69 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 305.67 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 352.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 314.02 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका था।

इस अवधि में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 32.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 49.07 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 91.12 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 121.47 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 60.01 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 76.38 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 121.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 153.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 11.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 34.25 करोड़ रुपये और 2024-25 में 46.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 35.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक