देश में एलपीजी की आपूर्ति सुचारू, कहीं से आपूर्ति ठप होने की रिपोर्ट नहीं: केंद्र
नई दिल्ली, 14 मई (हि.स)। केंद्र सरकार ने गुरुवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के बावजूद पूरे देश में पर्याप्त मात्रा में कच्चा तेल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में पश्चिम एशिया के हालिया घटनाक्रमों पर अंतर-मंत्रालयी प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि पूरे देश में घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति सुचारू रूप से चल रही है। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया संकट के कारण कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी के आयात पर असर पड़ा है। हालांकि, भारत सरकार ने कई प्रभावी कदम उठाए हैं, जिसके चलते हमारे पास पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) का उत्पादन भी बढ़ा दिया गया है। किसी भी रिटेल आउटलेट या एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर स्टॉक खत्म होने (ड्राई-आउट) जैसी कोई स्थिति सामने नहीं आई है।
शर्मा ने बताया कि सप्लाई चेन में रुकावटों को कम करने के लिए कमर्शियल एलपीजी की बहाली लगभग 70 फीसदी तक पहुंच गई है। उन्होंने बताया कि इस साल मार्च से अब तक सात लाख से ज्यादा एलपीजी कनेक्शन चालू किए जा चुके हैं, जबकि लगभग सात लाख 50 हजार नए ग्राहकों ने पीएनजी कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में लगभग एक करोड़ 40 लाख एलपीजी बुकिंग मिलीं, जिनमें से लगभग एक करोड़ 39 लाख बुकिंग पूरी कर दी गई हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस महीने की पहली तारीख से लगभग 83 हजार 500 टन कमर्शियल एलपीजी बेची गई है, जबकि पिछले तीन दिनों में 23 हजार 820 टन से ज्यादा एलपीजी बेची गई।
वहीं, पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव मुकेश मंगल ने कहा कि भारत के लिए कार्गो ले जा रहे दो एलपीजी के जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है और उनके 16 और 18 मई को क्रमशः कांडला और न्यू मैंगलोर बंदरगाहों पर पहुंचने की उम्मीद है।
मुकेश मंगल ने कहा कि ओमान जलक्षेत्र में एक हमले के बाद भारतीय जहाज़ ‘हाजी अली’ में आग लगने की घटना में चालक दल के सभी सदस्यों को ओमान कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बचा लिया। इसके साथ ही अब तक 3,158 से ज्यादा नाविकों को स्वदेश वापस लाया जा चुका है, जबकि पूरे भारत में बंदरगाहों का कामकाज सामान्य रूप से चल रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

