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ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर उत्साह, दो सप्ताह में जीएमपी में 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी

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ग्रे मार्केट में जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ को लेकर उत्साह, दो सप्ताह में जीएमपी में 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी


नई दिल्ली, 16 अक्टूबर (हि.स.)। जियो प्लेटफॉर्म्स के आने वाले आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट में जबरदस्त उत्साह का रुख बना हुआ है। पिछले दो सप्ताह के दौरान इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) करीब 84 प्रतिशत तक उछल गया है। बाजार के जानकारों के मुताबिक, शुरुआती दिनों में जो जीएमपी 125 रुपये के स्तर पर था, वह 16 अक्टूबर को बढ़कर 230 रुपये पर पहुंच गया है।

ग्रे मार्केट प्रीमियम (जीएमपी) में ये उछाल इस आईपीओ में निवेशकों की लगातार बढ़ रही दिलचस्पी का संकेत देता है। कंपनी का यह बहुप्रतीक्षित आईपीओ 21 अक्टूबर को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और निवेशक इसमें 23 अक्टूबर तक बोली लगा सकेंगे।

कंपनी ने इस बड़े आईपीओ के लिए प्रति शेयर 1,065 रुपये प्रति शेयर से लेकर 1,119 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। अभी के ग्रे मार्केट संकेतों को देखें तो यह शेयर अपने इश्यू प्राइस के मुकाबले करीब 20.6 प्रतिशत से अधिक के प्रीमियम पर लिस्ट हो सकता है। उम्मीद जताई जा रही है कि शेयरों का आवंटन प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर ही होगा।

इस इश्यू को लेकर खुदरा निवेशकों के साथ ही बल्कि बड़े संस्थागत निवेशक भी काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों में जीआईसी पीटीई, अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी और कतर इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी दिग्गज संस्थाओं के शामिल होने की चर्चा है, जबकि घरेलू मोर्चे पर एसबीआई म्यूचुअल फंड, मोतीलाल ओसवाल और एचडीएफसी म्यूचुअल फंड जैसी कंपनियां एंकर निवेशक के रूप में पैसा लगा सकती हैं।

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर के लिहाज से आकलन किया जाए तो जियो प्लेटफॉर्म्स का कुल वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये बैठता है। इसका सीधा मतलब यह है कि शेयर बाजार में लिस्ट होते ही यह कंपनी देश के उन चुनिंदा दिग्गजों की सूची में शामिल हो जाएगी, जिनका मार्केट कैप 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। दिग्गजों की इस सूची में फिलहाल रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

जियो प्लेटफॉर्म्स की सफल लिस्टिंग के बाद रिलायंस ग्रुप की सभी कंपनियों का टोटल मार्केट कैपिटलाइजेशन (कुल बाजार पूंजीकरण) बढ़ कर 28.3 लाख करोड़ रुपये के ऑल टाइम हाई लेवल के करीब पहुंच जाएगा। वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज 16.55 लाख करोड़ रुपये के वैल्यूएशन के साथ देश की सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनी बनी हुई है। जियो प्लेटफॉर्म्स दरअसल रिलायंस ग्रुप की डिजिटल और तकनीकी शाखा है, जिसके तहत 53 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं वाली देश की सबसे बड़ी दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी रिलायंस जियो इंफोकॉम काम करती है।

इस मेगा आईपीओ के जरिए कंपनी बाजार में 27 करोड़ नए शेयर जारी करने जा रही है, जिससे प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी को लगभग 30,213 करोड़ रुपये की भारी-भरकम पूंजी हासिल होगी। आईपीओ के जरिये जुटाई जाने वाली रकम के एक बड़े हिस्से का इस्तेमाल कंपनी अपने मौजूदा कर्ज को चुकाने और वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए करेगी। यह आईपीओ भारतीय कॉर्पोरेट इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनने जा रहा है, जिसने साल 2024 में आए हुंडई मोटर इंडिया के 27,800 करोड़ रुपये के आईपीओ के पिछले रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक