(अपडेट) स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री के बाद याश्वी ज्वेलर्स के शेयरों में आई तेजी, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 02 जून (हि.स.)। यशस्वी ब्रैंड नेम से गोल्ड ज्वेलरी सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी याश्वी ज्वेलर्स के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में फ्लैट एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। हालांकि, बाद में शेयरों में शुरू हुई खरीदारी से आईपीओ निवेशकों के चेहरे खिल गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 83 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 83 रुपये के स्तर पर ही हुई।
फ्लैट लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे ये शेयर उछल कर शुरुआती उतार-चढ़ाव के बाद दोपहर 12 बजे के करीब 87.15 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। बाजार में पूरे दिन हुई खरीद-बिक्री के बाद याश्वी ज्वेलर्स के शेयर 87 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर चार रुपये यानी 7.82 प्रतिशत के फायदे में थे।
याश्वी ज्वेलर्स का 43.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 25 से 27 मई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 5.64 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 3.40 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.76 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 52,86,400 नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
याश्वी ज्वेलर्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.96 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.28 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 18.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 200.93 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 297.76 करोड़ और वित्त वर्ष 2025-26 में छलांग लगा कर 449.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 16.25 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 43.11 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 65.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 8.75 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 24.15 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 43.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 3.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 11.90 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 31.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.95 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 18.33 करोड़ रुपये और 2025-26 में 29.88 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

