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(अपडेट) स्टॉक मार्केट में शक्ति पॉलीटार्प की कमजोर शुरुआत, घाटे में रहे आईपीओ निेवेशक

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(अपडेट) स्टॉक मार्केट में शक्ति पॉलीटार्प की कमजोर शुरुआत, घाटे में रहे आईपीओ निेवेशक


नई दिल्ली, 22 सितंबर (हि.स.)। प्लास्टिक तिरपाल और पैकेजिंग फैब्रिक बनाने वाली कंपनी शक्ति पॉलीटार्प के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में आज मामूली गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 59 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 10 पैसे के डिस्काउंट के साथ 58.90 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो जाने के कारण ये शेयर लुढ़क कर 56.36 रुपये के स्तर तक गिर गया। हालांकि थोड़ी देर बाद ही खरीदारी शुरू हो जाने के कारण इसकी स्थिति में सुधार होने लगा। लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही सुधर कर हरे निशान में 61.40 रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद एक बार फिर बिकवाली का दबाव बन जाने के कारण ये शेयर गिर कर 58.45 रुपये के स्तर पर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 55 पैसे यानी 0.93 प्रतिशत का नुकसान हो गया।

इस कंपनी का 26.93 करोड़ रुपये का आईपीओ 15 से 17 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 11.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 49.22 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 5.43 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 4.12 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 45.64 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

शक्ति पॉलीटार्प की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 98 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.97 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 10.06 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 62.23 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 166.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 216.10 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 23.26 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बड़ी उछाल के साथ 72.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 10.84 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 17.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 27.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली उछाल के साथ 5.24 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस बड़ी छलांग लगा कर 15.30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.83 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 10.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 19.29 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक