स्टॉक मार्केट में रूपा स्क्रीन की धमाकेदार शुरुआत, लोअर सर्किट लगने के बावजूद बंपर मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 01 अक्टूबर (हि.स.)। रोटरी स्क्रीन प्रिंटिंग मशीनों में इस्तेमाल के लिए रोटरी निकेल स्क्रीन बनाने वाली कंपनी रूपा स्क्रीन ने आज जबरदस्त मजबूती के साथ स्टॉक मार्केट में एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 64 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 121.60 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 127.68 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस स्तर पर मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण अपर सर्किट ब्रेक हो गया और इसके भाव में गिरावट का रुख बन गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण कुछ देर बाद ही ये शेयर 115.52 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गए। इस तरह पहले दन के कारोबार में लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 51.52 रुपये यानी 80.50 प्रतिशत का मुनाफा हो गया। इस आईपीओ में एक लॉट 2,000 शेयर का था। मतलब कंपनी के आईपीओ निवेशकों को आज लोअर सर्किट लगने के बाद भी प्रति लॉट कम से कम 1,03,040 रुपये का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 19.20 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 28 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 270.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 45.45 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 423.19 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 523.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 30 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी लगाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
रूपा स्क्रीन लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 1.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 4.69 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 6.48 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 35.85 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़त के साथ 45.63 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 51.32 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में उतार-चढ़ाव देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 8.98 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 7.03 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ मामूली बढ़त के साथ 7.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की कुल संपत्ति में भी इजाफा देखा गया। वित्त वर्ष 2023-24 में इसकी कुल संपत्ति 19.66 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो 2024-25 में बढ़ कर 22.47 करोड़ रुपये हो गई। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी की कुल संपत्ति बढ़ कर 30 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी को इस मोर्चे पर मिली-जुली बढ़त हासिल हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 4.05 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस मामूली गिरावट के साथ 8.31 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 5.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये 16.37 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 4.24 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 8.13 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 10 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

