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स्टॉक मार्केट में कमजोर लिस्टिंग से पावरिका लिमिटेड ने किया निराश, घाटे में आईपीओ निवेशक

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स्टॉक मार्केट में कमजोर लिस्टिंग से पावरिका लिमिटेड ने किया निराश, घाटे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। डीजल जेन सेट का उत्पादन करने के साथ ही विंड पावर बिजनेस में भी काम शुरू करने वाली कंपनी पावरिका लिमिटेड के शेयरों ने आज जबरदस्त गिरावट के साथ एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को काफी निराश किया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 395 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 5.06 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 375 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 7.34 प्रतिशत डिसकाउंट के साथ 366 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये ये शेयर उछल कर 388.95 रुपये के स्तर तक पहुंचा। वहीं बिकवाली का दबाव बन जाने पर इसने 365.10 रुपये के स्तर तक गोता भी लगाया। सुबह 11:30 बजे तक का कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर बीएसई पर 370 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 370.45 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार के बाद कंपनी के आईपीओ निवेशक छह प्रतिशत से अधिक के नुकसान में थे।

पावरिका लिमिटेड का 1,100 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.53 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 4.74 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.47 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन सिर्फ 0.16 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इसके अलावा एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.30 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।

इस आईपीओ के तहत पांच रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 2,78,48,100 शेयर जारी किए गए थे। इनमें 700 करोड़ रुपये के 1,77,21,518 नए शेयर जारी किए गए हैं। इसके अलावा 400 करोड़ रुपये के 1,01,26,582 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 106.45 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 226.11 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 175.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 134.55 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 2,422.42 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में घट कर 2,356.77 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2,710.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी को 1,474.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 278.88 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में कम होकर 177.52 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 300.80 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 571.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 777.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 898.67 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 1,070.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 30 सितंबर 2025 तक ये 1,158.99 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ है।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में ये 333.21 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 362.45 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए घट कर 345.66 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 30 सितंबर 2025 तक ये 220.42 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक