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स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ पंचत्व भारत की एंट्री, जबरदस्त नुकसान में आईपीओ निवेशक

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स्टॉक मार्केट में जबरदस्त गिरावट के साथ पंचत्व भारत की एंट्री, जबरदस्त नुकसान में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 18 सितंबर (हि.स.)। डेनिम फैब्रिक का उत्पादन और थोक वितरण का काम करने वाली कंपनी पंचत्व भारत लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने कमजोर एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को झटका दे दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 140 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 7.89 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 128.95 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद बिकवाली शुरू हो गई, जिसकी वजह से ये शेयर और गिरता चला गया। लगातार हो रही बिकवाली के कारण ये शेयर कुछ देर में ही गिर कर 122.55 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस तरह पहले दिन के कारोबार में लोअर सर्किट लगने के कारण कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 17.45 रुपये यानी 12.46 प्रतिशत का नुकसान हो गया। आईपीओ के तहत 1,000 शेयर का एक लॉट बनाया गया है। इस तरह से आज पहले दिन ही आईपीओ निवेशकों को प्रति लॉट 17,450 रुपये तक का नुकसान हो गया।

इस कंपनी का 24.58 करोड़ रुपये का आईपीओ 10 से 15 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से फीका रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 1.40 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में सिर्फ 0.39 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.41 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 17.56 लाख शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

पंचत्व भारत की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 2.02 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.83 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 4.03 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 39.31 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 56.87 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 7.66 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 7.74 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 14.18 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 3.39 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 9.05 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये उछल कर 12.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.55 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 6.44 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक