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इनफ्रैक्स रिन्यूएबल की स्टॉक मार्केट में सपाट शुरुआत, फ्लैट लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से मामूली मुनाफे में निवेशक

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इनफ्रैक्स रिन्यूएबल की स्टॉक मार्केट में सपाट शुरुआत, फ्लैट लिस्टिंग के बाद हुई खरीदारी से मामूली मुनाफे में निवेशक


नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। सोलर सेक्टर के लिए काम करने वाली कंपनी इन्फ्रैक्स रिन्यूएबल लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने फ्लैट एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। हालांकि, आज का कारोबार खत्म होने के कुछ देर पहले खरीदारों ने लिवाली का जोर बनाया, जिससे आईपीओ निवेशक मुनाफे में आ गए। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 104 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी उतार चढ़ाव के 104 रुपये के स्तर पर ही हुई।

फ्लैट लिस्टिंग के बाद बिकवाली का दबाव बनने पर ये शेयर फिसल कर 99 रुपये के स्तर तक गिर गया। हालांकि, इस गिरावट के बाद लिवालों ने खरीदारी शुरू कर दी, जिससे इस सूचकांक की चाल में सुधार होने लगा। खरीदारी के सपोर्ट से आज का कारोबार खत्म होने के कुछ देर पहले ये शेयर उछल कर 107 रुपये के स्तर पर पहुंच कर बंद हुआ। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर तीन रुपये यानी 2.88 प्रतिशत का फायदा हो गया।

इस कंपनी का 40.88 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.05 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.39 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 1.90 गुना सब्सक्राइब हो सका था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 39,31,200 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 34 करोड़ रुपये के 32,50,800 नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग 7 करोड़ रुपये के 6,80,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नई मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

इन्फ्रैक्स रिन्यूएबल लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 96 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 2.85 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 10.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 9.66 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 30.48 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 93.33 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत तक कंपनी पूरी तरह से कर्ज मुक्त थी। हालांकि, अगले वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी पर 3.02 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ लद गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ दोगुने से अधिक की उछाल के साथ 6.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 1.40 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ बढ़ कर 1.89 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ये जबरदस्त उछाल के साथ 15.77 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 1.76 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 4.50 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का ईबीआईटीडीए उछल कर 14.56 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक