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स्टॉक मार्केट में हाईनेस माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक

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स्टॉक मार्केट में हाईनेस माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स की प्रीमियम एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक


नई दिल्ली, 02 अप्रैल (हि.स.)। डिजिटल इमेजिंग सॉल्यूशन के काम में लगी कंपनी हाईनेस माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में प्रीमियम एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 120 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 4.16 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 125 रुपये के स्तर पर हुई।

लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर उछल कर 130 रुपये के स्तर तक पहुंच गए। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली होने पर इसके भाव में थोड़ी गिरावट भी आई। दोपहर 12:30 बजे तक कारोबार होने के बाद कंपनी के शेयर 129.80 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह से अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 9.80 रुपये यानी 8.17 प्रतिशत का फायदा हो चुका है।

हाईनेस माइक्रो इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड का 21.67 करोड़ रुपये का आईपीओ 24 से 27 मार्च के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 193.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 81.95 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 362.12 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 185.11 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 18.06 लाख शेयर जारी किए गए हैं। इनमें 16,53,600 नए शेयर और 1,52,400 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मुंबई में अपनी फैक्ट्री में असेंबली लाइन सेटअप करने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 44 लाख रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 2.39 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 2.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 3.41 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की आय में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 9.91 करोड़ रुपये की कुल आय हुई, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 10.99 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 14.17 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गई। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 14.41 करोड़ रुपये की आय हो चुकी है।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 1.36 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1.38 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 4.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 8.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के रिजर्व और सरप्लस में मामूली उतार चढ़ाव होता रहा। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 1.70 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 4.09 करोड़ रुपये हो गया। वहीं 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस फिसल कर 3.11 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष में अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 6.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंचा हुआ है।

कंपनी के ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) की बात करें तो 2022-23 में ये 3.13 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 5.97 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए घट कर 4.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं मौजूदा वित्त वर्ष में 31 दिसंबर 2025 तक ये 5.55 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक