मामूली बढ़त के साथ ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स की स्टॉक मार्केट में एंट्री, मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 07 अक्टूबर (हि.स.)। रेजिडेंशियल और कमर्शियल रियल स्टेट प्रोजेक्ट्स की मार्केटिंग के काम में जुटी ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मामूली बढ़त के साथ एंट्री की। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 197 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 1.52 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 200 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग होने के बाद बिकवाली शुरु हो गई, जिसके कारण थोड़ी देर में ही ये शेयर गिर कर 190 रुपये के लोअर सर्किट लेवल पर आ गया। हालांकि, कुछ देर बाद खरीदारों ने लिवाली शुरू कर दी, जिससे लोअर सर्किट ब्रेक हो गया। खरीदारी के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 210 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक भी पहुंचा, लेकिन इस स्तर पर भी ये टिक नहीं सका। मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण इसका अपर सर्किट भी ब्रेक हो गया। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच दोपहर 12:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 207.10 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 10.10 रुपये यानी 5.13 प्रतिशत के फायदे में थे।
इस कंपनी का 55.08 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 सितंबर से एक अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 73.80 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 59.77 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 124.29 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 60.15 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 27.96 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 44 करोड़ रुपये के 22.38 लाख नए शेयर जारी हुए हैं, जबकि लगभग 11 करोड़ रुपये के 5.58 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपने अयोध्या प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए ग्रुप एंटिटी औरिका डेवलपर्स में निवेश करने, मार्केटिंग करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
ब्लैक ओपल कंसल्टेंट्स की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 4.32 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 11.48 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 12.20 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 19.91 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.04 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 42.34 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में जबरदस्त उतार-चढ़ाव हुआ। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 1.60 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 20 लाख रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ जबरदस्त उछाल के साथ 9.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 80.96 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 195.77 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 243.26 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 8.93 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 20.41 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 32.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.09 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.65 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 17.05 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

