भारत-जापान संगोष्ठी ने कार्यबल सहयोग को नई गति प्रदान की
नई दिल्ली, 26 मई (हि.स)। भारत-जापान के बीच कार्यबल गतिशीलता सहयोग पर चर्चा के लिए 25 मई को टोक्यो में आयोजिेत संगोष्ठी ने कार्यबल सहयोग को नई गति प्रदान की।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने मंगलवार को जारी बयान में बताया कि यह संगोष्ठी जापान स्थित भारतीय दूतावास और जापान की आसियान वन कंपनी लिमिटेड द्वारा संयुक्त रूप से टोक्यो में आयोजित की गई थी। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव वंदना गुरनानी ने इस संगोष्ठी को संबोधित किया।
मंत्रालय ने कहा कि भारत-जापान के बीच कुशल कार्यबल गतिशीलता और मानव संसाधन विकास में दीर्घकालिक सहयोग पर चर्चा के लिए आयोजित संगोष्ठी में जापानी नीति निर्माताओं, उद्योग के जगत प्रमुखों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यबल गतिशीलता से जुड़े हुए हितधारकों को एक मंच पर लाया गया।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की सचिव ने अपने संबोधन में वैश्विक कार्यबल के विश्वसनीय भागीदार के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका की जानकारी दी। उन्होंने पारदर्शी, नैतिक और व्यापक अंतरराष्ट्रीय श्रम गतिशीलता मार्ग तैयार करने के लिए भारत सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।
कार्यक्रम का समापन आसियान ग्रुप कंपनी लिमिटेड के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी तोशियाकी निशिकावा के संबोधन से हुआ, जिन्होंने भारत-जापान के बीच दीर्घकालिक जन-सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने भविष्य में कार्यबल सहयोग के प्रति आशा व्यक्त करते हुए अगले 10 वर्षों में 50,000 लोगों को शामिल करने के साथ जापान-भारत मानव विनिमय कार्यक्रम को साकार करने के प्रति वचनबद्धता जताई।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

