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देश की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में 6.6 फीसदी रहने का अनुमान: एसबीआई रिसर्च

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देश की आर्थिक वृद्धि दर 2026-27 में 6.6 फीसदी रहने का अनुमान: एसबीआई रिसर्च


नई दिल्ली, 11 मई (हि.स)। वैश्विक भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक वृद्धि दर वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) रिसर्च की जारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।

एसबीआई रिसर्च की ओर से सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के मुताबिक मजबूत घरेलू मांग, कृषि एवं गैर-कृषि गतिविधियों से ग्रामीण उपभोग में तेजी के कारण यह वृद्धि लचीली बनी हुई है। वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार अपना लचीलापन दिखा रही है। वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.6 फीसदी रहने का अनुमान है। रुपये की विनिमय दर में गिरावट और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों को देखते हुए भुगतान संतुलन के मोर्चे पर व्यापक कदम उठाने की आवश्यकता है।

एसबीआई रिसर्च का यह सुझाव प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पश्चिम एशिया संकट के कारण विदेशी मुद्रा को बचाने, ईंधन का सूझबूझ के साथ उपयोग करने, सोने की खरीद को एक साल तक स्थगित करने और विदेश यात्रा टालने की आवश्यकता बताये जाने के बाद आया है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.2 फीसदी के करीब रहने की उम्मीद है। चालू वित्त वर्ष 2026-27 में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया है। वहीं, वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद है।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) 29 मई को वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक जीडीपी के अस्थायी अनुमानों के साथ-साथ जनवरी-मार्च तिमाही के जीडीपी आंकड़े जारी करेगा। आरबीआई ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9 फीसदी रहने का अनुमान जताया है।

उल्लेखनीय है कि भारत अपनी ऊर्जा जरूरत का 80 फीसदी से अधिक आयात से पूरा करता है। फिलहाल भारतीय रुपया एक डॉलर के मुकाबले 95 रुपये के स्तर पर है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर