प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ खत्म हुआ किम्बर्ली प्रक्रिया अंतरसत्रीय सम्मेलन
मुंबई, 15 मई (हि.स)। भारत की अध्यक्षता में मुंबई में आयोजित किम्बर्ली प्रक्रिया (केपी) अंतरसत्रीय सम्मेलन का प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य पर ध्यान केन्द्रित करने के साथ समापन हो गया। इस अंतरसत्रीय सम्मेलन में प्राकृतिक हीरा व्यापार में पारदर्शिता, शासन और परिचालन सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया गया।
भारत की अध्यक्षता में मुंबई में आयोजित किम्बर्ली प्रक्रिया (केपी) अंतरसत्रीय बैठक में प्राकृतिक हीरा क्षेत्र के भविष्य से जुड़े विषयों पर केपी प्रतिभागियों, पर्यवेक्षकों, उद्योग हितधारकों और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों ने चार दिनों तक एक मंच पर विचार-विमर्श किया। भारत की अध्यक्षता के मुख्य विषय, विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास (3सी) के तहत आयोजित इस चार-दिवसीय बैठक का मुख्य ज़ोर वैश्विक प्राकृतिक हीरा व्यापार के भीतर पारदर्शिता, सुशासन और परिचालन तंत्र को मज़बूत करने पर था।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अंतरसत्रीय सम्मेलन के समापन अवसर पर कहा कि भारत, हीरा तराशने और पॉलिश करने के मामले में विश्व के अग्रणी केंद्र के साथ-साथ प्राकृतिक हीरों को विश्वास, जिम्मेदारी और साझा समृद्धि का प्रतीक बनाए रखने में केपी की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देता है। उन्होंने कहा कि भारत की अध्यक्षता में, देश विश्वसनीयता, अनुपालन और उपभोक्ता विश्वास (3सी) को बढ़ावा देने और तेजी से विकसित हो रहे वैश्विक बाजार में केपी की प्रासंगिकता को मजबूत करने के लिए सभी प्रतिभागियों और हितधारकों के साथ मिलकर कार्य करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
किम्बर्ली प्रक्रिया प्रमाणन योजना, जिसे संयुक्त राष्ट्र महासभा के संकल्प 55/56, 2000 के अंतर्गत स्थापित किया गया है, एक वैश्विक पहल है जिसका उद्देश्य संघर्ष क्षेत्रों वाले हीरों को वैध व्यापार में प्रवेश करने से रोकना और प्राकृतिक हीरे की आपूर्ति श्रृंखला में जिम्मेदार स्रोत को बढ़ावा देना है। हीरा काटने और पॉलिश करने के एक प्रमुख वैश्विक केंद्र के रूप में, भारत ने किम्बर्ली प्रक्रिया के उद्देश्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की और प्राकृतिक हीरा क्षेत्र में पारदर्शिता, स्थिरता और जिम्मेदार प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

