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भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग एयरोस्पेस, रिसर्च तथा इनोवेशन में बढ़ाएंगे सहयोग

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भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग एयरोस्पेस, रिसर्च तथा इनोवेशन में बढ़ाएंगे सहयोग


नई दिल्ली, 30 अक्टूबर (हि.स.)। भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग ने अपने द्विपक्षीय व्यापार और निवेश साझेदारियों की समीक्षा की है। इसके साथ ही एयरोस्पेस, अनुसंधान, नवाचार और उच्च शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग के नए रास्ते तलाशने पर अपनी सहमति जताई है।

भारत-बेल्जियम-लक्जमबर्ग आर्थिक संघ (बीएलईयू) के संयुक्त आर्थिक आयोग (जेईसी) का 19वां सत्र 29 अक्टूबर को लक्जमबर्ग में आयोजित किया गया। इस बैठक में भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग ने द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों की समीक्षा के साथ-साथ प्रमुख क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग को और सुदृढ़ करने के अवसरों पर विचार-विमर्श किया। संयुक्त आर्थिक आयोग की सह-अध्यक्षता भारत की ओर से वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल, बेल्जियम के संघीय लोक सेवा विदेश मामले, विदेश व्यापार एवं विकास सहयोग विभाग के भू-अर्थव्यवस्था एवं आर्थिक कूटनीति महानिदेशक फिलिप वांडेन बुल्के तथा लक्जमबर्ग के विदेश एवं यूरोपीय मामलों, रक्षा, विकास सहयोग एवं विदेश व्यापार मंत्रालय के महासचिव हेनरी शूमाकर ने की।

वाणिज्य मंत्रालय के मुताबिक 19वें सत्र में भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग के बीच वर्तमान व्यापार एवं निवेश संबंधों की समीक्षा की गई। साथ ही, आर्थिक सहभागिता बढ़ाने, व्यापार एवं निवेश प्रवाह को सुगम बनाने तथा पारस्परिक हित के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में विमानन एवं अंतरिक्ष क्षेत्र, अनुसंधान एवं नवाचार, उच्च शिक्षा तथा कौशल विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाने पर भी सहमति बनी। व्यापार संबंधी चिंताओं का समाधान करने, बाजार तक पहुंच सुगम बनाने तथा आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के अवसरों की पहचान करने के उद्देश्य से बाजार संबंधी मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मंत्रालय ने कहा कि संयुक्त आर्थिक आयोग की इस बैठक में तीनों पक्षों को अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं पर विचारों का आदान-प्रदान करने, विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करने तथा कारोबारी सहभागिता एवं निवेश साझेदारियों को बढ़ावा देने के नए अवसरों की पहचान करने का अवसर मिला। वहीं, चर्चा के दौरान भारत, बेल्जियम और लक्जमबर्ग के बीच पारस्परिक रूप से लाभकारी आर्थिक संबंधों को आगे बढ़ाने में निरंतर संवाद एवं सहयोग के महत्व की पुनः पुष्टि की गई।

इसके अलावा संयुक्त आर्थिक आयोग के सत्र के बाद वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने लक्जमबर्ग स्थित कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ व्यावसायिक बैठक की। इस दौरान उन्होंने भारत की मजबूत आर्थिक विकास दर और निवेश की व्यापक संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने वित्तीय सेवाओं, उन्नत विनिर्माण, रसद, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा तथा अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का भी उल्लेख किया।

उन्होंने लक्जमबर्ग की कंपनियों को दीर्घकालिक निवेश, प्रौद्योगिकी साझेदारी तथा वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भारतीय कंपनियों के साथ एकीकरण के अवसरों का पता लगाने के लिए प्रोत्साहित किया। बैठक में कई प्रमुख क्षेत्रों पर व्यापक चर्चा हुई। इनमें रसद, विशेष रूप से हवाई संपर्क एवं बंदरगाह, नवीकरणीय ऊर्जा एवं स्वच्छ प्रौद्योगिकी, वित्तीय सेवाएं एवं फिनटेक, डिजिटल परिवर्तन एवं सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी), स्वास्थ्य सेवा एवं जीवन विज्ञान, आयुर्वेद एवं पारंपरिक चिकित्सा तथा कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण उद्योग शामिल थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर