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भारत और भूटान में द्विपक्षीय बिजली व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अहम समझौता

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भारत और भूटान में द्विपक्षीय बिजली व्यापार को बढ़ावा देने के लिए अहम समझौता


नई दिल्ली, 09 अप्रैल (हि.स)। भारत और भूटान ने गुरुवार को ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से दो महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों समझौते थिम्पू में भारत के विद्युत मंत्री मनोहर लाल और भूटान के ऊर्जा एवं प्राकृतिक संसाधन मंत्री ल्योनपो जेम शेरिंग के बीच हुई एक बैठक के बाद हुए।

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल चार दिवसीय दौरे पर आज भूटान पहुंचे। उन्होंने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे से मुलाक़ात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने स्वच्छ ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए दोनों देशों की साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों देशों ने पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना के दर संबंधी नियम पर हस्ताक्षर किये। मंत्रालय के मुताबिक 1020 मेगावाट की पुनात्सांगचू-II जलविद्युत परियोजना का संयुक्त रूप से उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भूटान नरेश जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक ने 11 नवंबर, 2025 को किया था। इससे 19 सितंबर, 2025 से ही पारस्परिक तौर पर सहमत आरंभिक दर पर भारत को अधिशेष विद्युत का निर्यात शुरू हो गया था।

मंत्रालय ने कहा कि इस तकनीकी ढांचे का उद्देश्य ग्रिड स्थिरता बढ़ाना, सीमा पार बिजली विनिमय दक्षता में सुधार और द्विपक्षीय बिजली व्यापार को सुव्यवस्थित करना है। केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल की यात्रा के दौरान बैठकों और बातचीत से सहयोग के नए मार्ग प्रशस्त होने की संभावना है, जिससे दोनों देशों में निरंतर समृद्धि और खुशहाली बढ़ेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर