भारत ने लगातार दूसरे साल एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य किया हासिल
नई दिल्ली, 21 मार्च (हि.स)। पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजारों में बढ़ी अनिश्चितताओं के बीच भारत ने लगातार दूसरे साल एक अरब टन कोयला उत्पादन का लक्ष्य हासिल कर लिया है।
कोयला मंत्रालय ने शनिवार को एक बयान में कहा, ''कोयला क्षेत्र में सभी हितधारकों के अमूल्य योगदान के साथ देश ने लगातार दूसरे साल 20 मार्च 2026 तक एक अरब टन कोयला उत्पादन का ऐतिहासिक मील का पत्थर सफलतापूर्वक हासिल कर लिया है।''
यह महत्वपूर्ण उपलब्धि ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता और प्रमुख उद्योगों को निर्बाध ईंधन आपूर्ति सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।
मंत्रालय ने कहा कि कोयले के उत्पादन में इस निरंतर और बेहतर वृद्धि ने देश को बढ़ती ऊर्जा मांगों को प्रभावी ढंग से पूरा करने में सक्षम बनाया है। इसके साथ ही बिजली क्षेत्र को कोयला आधारित तापीय विद्युत संयंत्रों में रिकॉर्ड उच्चस्तर का कोयला भंडार बनाए रखने में सहायता प्रदान की है। यह उपलब्धि सुदृढ़ योजना, कुशल क्रियान्वयन और कोयला मूल्य शृंखला में मजबूत समन्वय को प्रदर्शित है, जिससे देश की आर्थिक विकास यात्रा में महत्वपूर्ण योगदान मिलता है।
कोयला मंत्रालय एक स्थिर पारदर्शी और प्रदर्शन-उन्मुख प्रणाली को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता पर अडिग है। सक्रिय नीतिगत हस्तक्षेपों, कठोर प्रदर्शन निगरानी और हितधारकों के साथ घनिष्ठ जुड़ाव के माध्यम से मंत्रालय सभी क्षेत्रों में कोयले की विश्वसनीय उपलब्धता और निर्बाध संचालन सुनिश्चित कर रहा है।
मंत्रालय ने बताया कि विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना के अनुरूप ये प्रयास एक सरल ऊर्जा ढांचा बनाने, घरेलू उत्पादन क्षमताओं को बढ़ाने और लगातार आर्थिक विकास को गति देने के लिए सरकार के संकल्प को सुदृढ़ करते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

