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आईएमएफ की रिपोर्ट प्रधानमंत्री के निर्णायक नेतृत्व एवं आर्थिक दृष्टिकोण का प्रमाण: खंडेलवाल

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आईएमएफ की रिपोर्ट प्रधानमंत्री के निर्णायक नेतृत्व एवं आर्थिक दृष्टिकोण का प्रमाण: खंडेलवाल


नई दिल्ली, 13 अक्टूबर (हि.स.)। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों के बीच भारत का विश्व की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में निरंतर उभरना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, दूरदर्शी नीतियों और सुधारोन्मुखी शासन का प्रमाण है। चांदनी चौक सांसद एवं कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के राष्ट्रीय महामंत्री प्रवीन खंडेलवाल ने मंगलवार को यह बात कही।

खंडेलवाल ने अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) के भारतीय अर्थव्यस्था की ग्रेाथ रेट में इजाफा करने पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत की निरंतर आर्थिक प्रगति प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की संरचनात्मक सुधारों, नीतिगत स्थिरता, बुनियादी ढांचे के विकास, डिजिटल परिवर्तन और घरेलू विनिर्माण को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता के व्यापक प्रभाव को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार द्वारा आत्मनिर्भर भारत, मेक इन इंडिया, वोकल फॉर लोकल और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस पर दिए जा रहे विशेष बल ने आर्थिक विस्तार, उद्यमिता और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार को तैयार किया है। इससे घरेलू उद्यमों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उपभोक्ताओं का बढ़ता विश्वास भारत की आर्थिक गति को और मजबूती प्रदान कर रहा है।

खंडेलवाल ने कहा कि भारत की मजबूत घरेलू मांग, विस्तारित डिजिटल अर्थव्यवस्था, बेहतर होती कनेक्टिविटी और दिन-ब-दिन बढ़ती उद्यमशीलता परिवेश भी देश को वैश्विक अनिश्चितताओं का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बना रहे हैं। भारतीय अर्थव्यवस्था का लचीलापन देश के विशाल घरेलू बाजार और देशवासियों की आकांक्षाओं की मजबूती को भी दर्शाता है।

उन्होंने जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत केवल तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में ही नहीं, बल्कि वैश्विक आर्थिक व्यवस्था के भविष्य को आकार देने वाली एक प्रभावशाली शक्ति के रूप में भी उभर रहा है। भारत की विकास यात्रा निवेशकों, उद्यमियों और अंतरराष्ट्रीय कारोबारी समुदाय में विश्वास को मजबूत कर रही है।

खंडेलवाल ने कहा कि भारत की आर्थिक यात्रा के अगले चरण में व्यापारियों को सशक्त बनाने, एमएसएमई को मजबूती प्रदान करने, विनिर्माण का विस्तार करने, रोजगार के नए अवसर सृजित करने और आर्थिक विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का विशाल व्यापारिक समुदाय उत्पादकों और उपभोक्ताओं को जोड़ने, बाजारों का विस्तार करने तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।

खंडेलवाल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) की नवीनतम वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक रिपोर्ट के अनुसार भारत की जीडीपी वृद्धि दर 2026 और 2027 दोनों वर्षों में 7.0 फीसदी रहने का अनुमान है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और लचीलेपन के साथ-साथ वैश्विक आर्थिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में भारत की बढ़ती भूमिका को रेखांकित करता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर