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केंद्र ने कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए सुधार सूचना तंत्र शुरू किया

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केंद्र ने कारोबार करने में आसानी को बढ़ावा देने के लिए सुधार सूचना तंत्र शुरू किया


नई दिल्ली, 29 जून (हि.स)। केंद्र सरकार ने व्यापार करने में आसानी (ईओडीबी) को बढ़ावा देने के लिए 'सुधार सूचना तंत्र' की शुरुआत की है। इसे जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम के जरिए लागू किया गया है, जो व्यवसायों को बिना दंड के प्रक्रियात्मक कमियों को सुधारने का मौका देता है।

उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के मुताबिक इस नई व्यवस्था के तहत अगर कोई कारोबार पहली बार प्रक्रिया या नियमों का पालन करने में कोई तय चूक करता है, तो उसे दंडात्मक कार्रवाई शुरू होने से पहले उस कमी को ठीक करने का मौका दिया जाएगा। इस सुधार का मकसद 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' (ईओडीबी) को बढ़ावा देना है। यह सुधार ईओडीबी को बढ़ावा देता है। यह स्वेच्छा से नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करता है, अनावश्यक कानूनी विवादों को कम करता है और भरोसे पर आधारित रेगुलेटरी सिस्टम को सपोर्ट करता है। इसके साथ ही उपभोक्ताओं की मज़बूत सुरक्षा भी सुनिश्चित करता है।

मंत्रालय ने कहा कि इसे जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम के माध्यम से लागू किया गया है, जो व्यवसायों को बिना दंड के प्रक्रियात्मक कमियों को सुधारने का मौका देता है। इसके लिए स्वेच्छा से नियमों का पालन करने को प्रोत्साहित किया जाएगा, बेवजह के कानूनी विवाद कम किए जाएंगे और भरोसे पर आधारित रेगुलेटरी सिस्टम को सपोर्ट किया जाएगा, साथ ही उपभोक्ताओं की सुरक्षा भी मजबूत बनी रहेगी।

सुधार नोटिस सिस्टम पहली बार होने वाली कुछ खास प्रक्रियात्मक और रेगुलेटरी कमियों पर लागू होता है, जिसमें रजिस्ट्रेशन की जरूरतें, डॉक्यूमेंटेशन और रिकॉर्ड रखना, मॉडल मंजूरी, वजन और माप का निर्माण, बिक्री और मरम्मत, वजन और माप का आयात, लेन-देन और पैक्ड सामान, कानूनी जानकारी और रिटर्न देना आदि हैं। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुधार सूचना तंत्र से उपभोक्ता संरक्षण में कोई कमी नहीं आती और न ही कानूनी मापन अधिनियम के तहत प्रवर्तन कमजोर होता है। यह तंत्र केवल निर्दिष्ट प्रथम बार की प्रक्रियात्मक और विनियामक गैर-अनुपालनों पर ही लागू होता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर