सरकार ने आरओडीटीईपी योजना को तीन महीने के लिए 31 दिसंबर तक बढ़ाया
नई दिल्ली, 02 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्र सरकार ने निर्यातकों को राहत देते हुए निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर तक अगले तीन महीने के लिए बढ़ा दिया है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शुक्रवार को जारी बयान में बताया कि वाणिज्य विभाग ने दिनांक 30 सितंबर, 2026 को जारी अधिसूचना संख्या 41/2026-27 के माध्यम से निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (आरओडीटीईपी) योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ा दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ये योजना 30 सितंबर को समाप्त हो रही थी लेकिन विस्तार के बाद अब यह योजना 31 दिसंबर, 2026 तक लागू रहेगी।
मंत्रालय के मुताबिक यह योजना घरेलू टैरिफ क्षेत्र (डीटीए) की इकाइयों, अग्रिम प्राधिकरण (एए) धारकों, विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) की इकाइयों के साथ ही निर्यातोन्मुखी इकाइयों (ईओयू) के द्वारा किए गए निर्यात पर भी उपलब्ध होगी। इसके अलावा आरओडीटीईपी योजना निर्यातित उत्पादों पर वहन किए गए ऐसे अंतर्निहित, प्रतिपूर्ति से वंचित केंद्रीय, राज्य और स्थानीय शुल्कों, करों तथा उपकरों की वापसी करती है, जिनमें पूर्ववर्ती चरणों के संचित अप्रत्यक्ष कर भी शामिल हैं। 30 सितंबर 2026 को यथालागू परिशिष्ट 4आर और परिशिष्ट 4आरई में अधिसूचित मौजूदा आरओडीटीईपी दरें और मूल्य सीमाएं उपर्युक्त अवधि के दौरान अपरिवर्तित रहेंगी।
आरओडीटीईपी योजना की शुरुआत वर्ष 2021 में की गई थी। इसके तहत निर्यातकों को उन करों, शुल्कों और उपकरों की वापसी की जाती है, जिनकी भरपाई केंद्र, राज्य या स्थानीय स्तर पर लागू किसी अन्य व्यवस्था के तहत नहीं होती है। इस योजना के तहत विभिन्न उत्पादों के लिए 0.3 फीसदी से 3.9 फीसदी तक की दर से शुल्क और करों की वापसी की जाती है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने कहा कि उपरोक्त उपाय अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले समान अवसर सुनिश्चित करते हुए निर्यातकों को सहायता प्रदान करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उल्लेखनीय है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इस योजना के लिए 18,232 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया था। वहीं, चालू वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना का बजट 10,000 करोड़ रुपये रखा गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

