ईडी ने गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ पीएमएलए मामले में 526 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि जब्त की
- गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ पीएमएलए मामले में 526 करोड़ रुपये की जमा राशि पर रोक लगाई
नई दिल्ली, 14 मई (हि.स)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म गेम्सक्राफ्ट के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने धन शोधन मामले में तलाशी अभियान पूरा करने के बाद गेम्सक्राफ्ट कंपनी के 526 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही 3.5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषणों के साथ 11 लाख रुपये नकद जब्त किए हैं।
ईडी ने गुरुवार को जारी एक बयान में बताया कि बेंगलुरु रमीकल्चर ऐप से जुड़े मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में मेसर्स गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खिलाफ सात मई को तलाशी अभियान शुरू किया था, जो छापेमारी 13 मई को समाप्त हुई। इस दौरान उसके निदेशकों एव मुख्य कर्मचारियों के कार्यालय और आवासीय परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत अभियान के दौरान बैंक जमा राशि, बांड और सावधि जमा जैसी कुल 526.49 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों पर रोक लगा दी गई, जबकि 3.5 करोड़ रुपये के सोने के आभूषण और 11 लाख रुपये नकद जब्त किए गए हैं। छापेमारी के बाद ईडी ने कंपनी के तीन संस्थापकों दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा को गिरफ्तार किया था।
ईडी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान विभिन्न आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, 2.30 किलोग्राम वज़न का बुलियन/सोना/हीरे के आभूषण (जिनकी कीमत लगभग 3.50 करोड़ रुपये है) और 11 लाख रुपये की नकदी जब्त की गई। साथ ही बैंक बैलेंस, पेमेंट गेटवे बैलेंस, म्यूचुअल फंड, बॉन्ड और फिक्स्ड डिपॉज़िट सहित लगभग 526.49 करोड़ रुपये की चल संपत्तियों को फ्रीज किया गया है।
केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया कि कथित धोखाधड़ी और जालसाजी से संबंधित कई पुलिस प्राथमिकी का संज्ञान लेते हुए गेम्सक्राफ्ट टेक्नोलॉजीज लिमिटेड और अन्य संबंधित कंपनियों के खिलाफ धन शोधन का मामला दर्ज किया। ईडी अधिकारियों के अनुसार यह प्लेटफॉर्म विभिन्न ऑनलाइन रियल-मनी गेम्स जैसे ‘रमीकल्चर’, रमीटाइम ऐप का मालिक है।
उल्लेखनीय है कि सरकार ने अगस्त 2025 में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगा दिया था।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

