विमान ईंधन की ऊंची कीमतों को लेकर एयरलाइन, तेल कंपनियों से बातचीत जारी: नागरिक उड्डयन मंत्री
नई दिल्ली, 06 अक्टूबर (हि.स.)। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने मंगलवार को कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संकट के कारण विमान ईंधन की ऊंची कीमतों को लेकर मंत्रालय एयरलाइन तथा तेल कंपनियों के साथ बातचीत कर रहा है।
केंद्रीय नागरिक उड्डयन ने राजधानी नई दिल्ली में इंडियन फाउंडेशन फॉर क्वालिटी मैनेजमेंट (आईक्यूएफएम) सम्मेलन से इतर यह बात कही। नायडू ने बताया कि एक जॉइंट वेंचर के जरिए भारत को दो साल के भीतर अपना पहला स्वदेशी सिविलियन एयरक्राफ्ट मिल जाएगा।
नायडू ने कहा, ''सबसे महत्वपूर्ण बातों में से एक यह है कि पश्चिम एशिया संकट एटीएफ की कीमतों पर कितना बोझ डाल रहा है। हम विमानन कंपनियों और तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) के साथ बातचीत कर रहे हैं।''
नागर विमानन मंत्री ने उम्मीद जताई कि संयुक्त उद्यम के जरिये भारत में दो साल के भीतर पहला स्वदेशी नागरिक विमान तैयार हो जाएगा। नायडू ने यह भी कहा कि सरकार देश में जेट इंजन बनाने की संभावना पर भी विचार करेगी लेकिन यह एक लंबी प्रक्रिया होगी।
इससे पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने विमान ईंधन की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए ईंधन अधिभार बढ़ाने का ऐलान सोमवार को की थी। इंडिगो ने कहा था कि हाल के महीनों में एटीएफ की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, खासकर पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक स्थिति के बाद।
एयरलाइन के अनुसार विमान ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हुई है जो हाल में मासिक आधार पर करीब 14 फीसदी से अधिक रही है। इससे एटीएफ की लागत पिछले एक दशक में सबसे ऊंचे स्तरों में पहुंच गई है।
उल्लेखनीय है कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की बढ़ती हुई कीमतों के कारण विमानन कंपनियों को मुश्किलों का भी सामना करना पड़ रहा है। एटीएफ किसी भी एयरलाइन की परिचालन लागत का करीब 40 फीसदी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर

