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(लीड) ईरान-अमेरिका जंग थमने की उम्मीद से 97 डॉलर तक फिसला ब्रेंट क्रूड

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(लीड) ईरान-अमेरिका जंग थमने की उम्मीद से 97 डॉलर तक फिसला ब्रेंट क्रूड


नई दिल्ली, 06 मई (हि.स.)। अमेरिका की ओर से ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म करने और नौसैनिक अभियान प्रोजेक्ट फ्रीडम को अस्थाई रूप से रोकने का ऐलान करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 11 प्रतिशत फिसल कर 97.08 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज 13.31 प्रतिशत तक टूट कर 88.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक पहुंच गया।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने व्हाइट हाउस में रिपोर्टर्स को बताया था कि अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर बमबारी शुरू करने के 66 दिन बाद ऑपरेशन एपिक फ्यूरी खत्म हो गया है, क्योंकि अमेरिका ने इस ऑपरेशन का मकसद हासिल कर लिया है। इसके साथ ही अमेरिका ने पश्चिम एशिया में एक बार फिर एक्टिव युद्ध शुरू होने की उम्मीद को काफी कम बताया। इसी तरह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट के जरिए बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से जहाज को निकालने की अमेरिकी कोशिश रोक दी जाएगी। हालांकि इसी पोस्ट में ट्रंप ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में नेवी की नाकाबंदी जारी रहेगी।

पश्चिम एशिया में शांति होने की उम्मीद की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में नरमी का रुख बन गया। आज ब्रेंट क्रूड ने 2.12 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट के साथ 107.75 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। हालांकि थोड़ी देर में ही ब्रेंट उछल कर 108.91 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट में मालवाहक जहाजों को सुरक्षा देने वाले नौसैनिक अभियान प्रोजेक्ट फ्रीडम को अस्थाई रूप से रोकने का ऐलान कर कच्चे तेल की कीमत में और नरमी ला दी।र इस नरमी के कारण ब्रेंट क्रूड 97.08 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक गिर गया। हालांकि इसके बाद इसके भाव में थोड़ी तेजी भी आई। भारतीय समय के मुताबिक शाम छह बजे तक का कारोबार होने के बाद ब्रेंट क्रूड 102.60 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने 2.40 डॉलर प्रति बैरल लुढ़क कर 99.87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। थोड़ी देर में ही यह बढ़ कर 102.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद प्रोजेक्ट फ्रीडम के अस्थाई रूप से रोके जाने की खबर आने के बाद डब्ल्यूटीआई क्रूड टूट कर 88.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया। इस गिरावट के बाद इसके भाव में भी तेजी का रुख बना। भारतीय समय के मुताबिक शाम छह बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 92.63 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर पश्चिम एशिया में युद्ध पूरी तरह समाप्त हो जाता है और होर्मुज स्ट्रेट का रास्ता पूरी तरह से खुल भी जाता है, तब भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में बड़ी गिरावट आने की संभावना कम है। टीएनवी फाइनेंशियल सर्विसेज के सीईओ तारकेश्वर नाथ वैष्णव का कहना है कि पश्चिम एशिया में शांति होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत गिरकर 80 से 85 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ सकती है। हालांकि इसकी कीमत युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर तक यानी 60 से 70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आने में समय लग सकता है। इसकी एक बड़ी वजह पश्चिम एशिया की जंग के दौरान बमबामी की वजह से हुई ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर की बड़े पैमाने पर हुई तबाही है।

तारकेश्वर नाथ वैष्णव के मुताबिक जंग के दौरान इजराइल ने ईरान के ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को जम कर निशाना बनाया। इसी तरह जवाबी हमले में ईरान ने भी अमेरिका के सहयोगी माने जाने वाले खाड़ी के कई देशों पर हमला कर उनके ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर को काफी नुकसान पहुंचा। इसकी वजह से खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति आने वाले दिनों में भी काफी हद तक बाधित रहने वाली है। एक बार ऑयल इंफ्रास्ट्रक्चर के पहले की तरह तैयार हो जाने के बाद ही दुनिया भर में कच्चे तेल की आपूर्ति सामान्य हो सकेगी और तभी अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत युद्ध शुरू होने के पहले के स्तर तक आ सकेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक