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भ्रामक विज्ञापनों के लिए दो कोचिंग संस्थानों पर लगा 15 लाख रुपये का जुर्माना

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भ्रामक विज्ञापनों के लिए दो कोचिंग संस्थानों पर लगा 15 लाख रुपये का जुर्माना


नई दिल्ली, 15 मई (हि.स)। केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने जेईई और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (एनईईटी) के नतीजों को लेकर गुमराह करने वाले विज्ञापनों के लिए दो कोचिंग संस्थानों पर 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण ने मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ अंतिम आदेश पारित करते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है, जबकि करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी), सीकर के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सीसीपीए की ओर से यह कार्रवाई भ्रामक विज्ञापन, अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के तहत उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन में लिप्त पाए जाने पर की गई है।

सीसीपीए ने कहा कि इन दोनों संस्थानों की ओर से प्रकाशित कराये गए विज्ञापनों में उन कोर्सों के बारे में अहम जानकारी छिपाई गई थी, जिनकी सफलता की कहानियों को उनके प्रचार सामग्री में प्रमुखता से दिखाया गया था। सीसीपीए की मुख्य आयुक्त निधि खरे और आयुक्त अनुपम मिश्रा द्वारा पारित आदेशों में दोनों संस्थानों को उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 का उल्लंघन करते हुए पाया गया। वे अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ताओं के अधिकारों के हनन के दोषी पाए गए।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण की ओर से यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों को एक वर्ग के रूप में संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए तथा यह सुनिश्चित करने के लिए किया गया है, ताकि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में कोई भी झूठा या भ्रामक विज्ञापन न दिया जाए। सीसीपीए ने कोचिंग क्षेत्र में गुमराह करने वाले विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ देशव्यापी कार्रवाई की है। इस दौरान उन कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए गए और उन पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर