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सर्राफा बाजार में मेरिट्रॉनिक्स लिमिटेड की धमाकेदार शुरुआत, पहले दिन ही डबल हुआ निवेशकों का पैसा

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सर्राफा बाजार में मेरिट्रॉनिक्स लिमिटेड की धमाकेदार शुरुआत, पहले दिन ही डबल हुआ निवेशकों का पैसा


नई दिल्ली, 08 जून (हि.स.)। इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम्स डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग कंपनी मेरिट्रॉनिक्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में धमाकेदार एंट्री करके अपने आईपीओ निवेशकों को जबरदस्त मुनाफा करा दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 149 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग मैक्सिमम परमिटेड प्रीमियम लिमिट यानी 90 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 283.10 रुपये के स्तर पर हुई। लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के कारण कंपनी के शेयर थोड़ी देर में ही उछल कर 297.25 रुपये के अपर सर्किट लेवल पर पहुंच गई। इस तरह पहले दिन के कारोबार में ही कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 148.25 रुपये यानी 99.50 प्रतिशत का मुनाफा हो गया।

मेरिट्रॉनिक्स लिमिटेड का 70.03 करोड़ रुपये का आईपीओ एक से तीन जून के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 315.36 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 224.91 गुना सब्सक्राइब हुआ था। वहीं नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 476.59 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसी तरह रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 297.67 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 47 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के जरिये जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल मशीनरी और इक्विपमेंट्स की खरीदारी करने, पुराने कर्ज को कम करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

मेरिट्रॉनिक्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 3.05 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8.66 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके बाद पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 16.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 86.01 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 114.04 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 156.25 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 15.82 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 18.57 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 43.20 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 7.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 16.23 करोड़ रुपये हो गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का नेटवर्थ जोरदार उछाल के साथ 52.52 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.39 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 40.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 6.73 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 15.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का ईबीआईटीडीए 27.22 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक