असमः मुख्यमंत्री ने आईओएल और एनआरएल के रिकॉर्ड मुनाफ़े पर जताई खुशी
गुवाहाटी, 09 अग्स्त (हि.स.)। असम के मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) और नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) द्वारा हासिल किए गए रिकॉर्ड वित्तीय और ऑपरेशनल लक्ष्यों का ज़िक्र किया। उन्होंने इस परफॉर्मेंस को असम के लिए गर्व की बात और भारत की ऊर्जा सुरक्षा में एक अहम योगदान बताया।
सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर रविवार काे एक पोस्ट में, मुख्यमंत्री ने कहा कि आईओएल ने 2,870 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे ज़्यादा तिमाही स्टैंडअलोन प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स (पीएटी) दर्ज किया, जो पिछले साल के मुकाबले 2.5 गुना ज़्यादा है। उन्होंने कहा कि यह बढ़ोतरी कच्चे तेल के प्रोडक्शन में 11 प्रतिशत की वृद्धि और कीमतों से अच्छी कमाई के कारण हुई।
ओआईएल का कंसोलिडेटेड पीएटी 4,027 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 97 प्रतिशत की वृद्धि दिखाता है, जबकि कच्चे तेल का प्रोडक्शन 0.950 मिलियन मीट्रिक टन तक पहुंच गया। कंपनी ने 10,921 टन (यानी 84,109 बैरल) का अब तक का सबसे ज़्यादा दैनिक कच्चा तेल प्रोडक्शन भी दर्ज किया।
मुख्यमंत्री ने अंडमान बेसिन में ओआईएल की खोज गतिविधियों और असम में एक ऑनशोर कुएं में 3,116 मीटर के अब तक के सबसे ज़्यादा हॉरिजॉन्टल डिस्प्लेसमेंट (क्षैतिज विस्थापन) की उपलब्धि पर भी प्रकाश डाला।
वहीं, एनआरएल ने प्रॉफ़िट आफ्टर टैक्स में पिछले साल के मुकाबले 167 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो 1,305 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रिफाइनरी ने 35.95 डॉलर प्रति बैरल का ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन और 87.58 प्रतिशत का डिस्टिलेट यील्ड भी हासिल किया।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्व सरमा ने इन उपलब्धियों के लिए ओआईएल टीम को बधाई दी और कहा कि ये उपलब्धियां भारत के ऊर्जा क्षेत्र में असम की भूमिका को मज़बूत करती हैं और देश की ऊर्जा सुरक्षा में योगदान देती हैं।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / अरविन्द राय

