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सिक्किम के जैविक उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने की पहल, गंगटोक में अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित

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सिक्किम के जैविक उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने की पहल, गंगटोक में अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित


सिक्किम के जैविक उत्पादों को वैश्विक बाजार दिलाने की पहल, गंगटोक में अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन आयोजित


नई दिल्ली, 28 फरवरी (हि.स.)। कृषि एवं प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) ने सिक्किम सरकार और आईएफओएएम- आर्गेनिक्स एशिया के सहयोग से 27-28 फरवरी को गंगटोक में ‘सिक्किम ऑर्गेनिक कॉन्क्लेव-सह-अंतरराष्ट्रीय क्रेता-विक्रेता सम्मेलन का आयोजन किया। दो दिवसीय इस कार्यक्रम का उद्देश्य सिक्किम के प्रमाणित जैविक उत्पादों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार का विस्तार करना और राज्य के निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करना रहा।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने शनिवार को जारी बयान में बताया कि सम्मेलन के दौरान सिक्किम के जैविक उत्पादों की आपूर्ति शृंखला, गुणवत्ता मानकों और निर्यात तैयारी पर आधारित एक विस्तृत रिपोर्ट भी जारी की गई। यह पहल राज्य के जैविक किसानों और उत्पादक संगठनों को वैश्विक खरीदारों से सीधे जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

सम्मेलन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। दक्षिण कोरिया, संयुक्त अरब अमीरात, मंगोलिया, सऊदी अरब, ओमान, सिंगापुर, नॉर्वे, कुवैत और ब्रिटेन सहित 17 देशों के लगभग 40 विदेशी खरीदारों ने इसमें हिस्सा लिया। वहीं एनसीईएल, बेसिलिया ऑर्गेनिक्स, फ्लेक्स फूड्स और नेक्स्टन सहित करीब 20 प्रमुख भारतीय निर्यातकों ने सिक्किम के लगभग 100 किसान उत्पादक संगठनों के साथ संरचित क्रेता-विक्रेता बैठकों में भाग लिया।

उद्घाटन सत्र में सिक्किम सरकार के कृषि मंत्री पूरन कुमार गुरुंग, एपीडा के अध्यक्ष अभिषेक देव, कृषि एवं बागवानी विभाग के आयुक्त-सचिव जिग्मी दोरजी भूटिया तथा जेएच चांग (कार्यकारी निदेशक, आईएफओएम – आर्गेनिक्स एशिया) सहित एपीडा, राज्य सरकार और जैविक एवं निर्यात क्षेत्र के अनेक वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रदर्शनी में 12 प्रदर्शकों ने सिक्किम के प्रमाणित जैविक उत्पादों का प्रदर्शन किया। इनमें बड़ी इलायची, जीआई टैग प्राप्त डल्ले खुर्सानी, सिक्किम मैंडारिन, कुक्कुट उत्पाद, हल्दी और ऑर्किड जैसे उत्पाद शामिल थे। प्रदर्शनी ने राज्य के विविध और निर्यात-उन्मुख जैविक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के समक्ष प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। इस आयोजन का समन्वय सिक्किम सरकार के कृषि एवं बागवानी विभाग तथा सिक्किम ऑर्गेनिक फार्मिंग डेवलपमेंट एजेंसी (एसओएफडीए) ने किया।

उल्लेखनीय है कि सिक्किम वर्ष 2016 में भारत का पहला पूर्णतः जैविक राज्य बना था, जिससे उसके उत्पादों को एपीडा की निर्यात प्रमाणन प्रणाली के तहत विशेष मान्यता मिली। जैविक कृषि के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए राज्य को वर्ष 2018 में संयुक्त राष्ट्र खाद्य एवं कृषि संगठन द्वारा ‘फ्यूचर पॉलिसी गोल्ड अवार्ड’ से भी सम्मानित किया गया था।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर