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अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शुरू किया दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम

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अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शुरू किया दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम


अडाणी ग्रीन एनर्जी ने शुरू किया दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम


-खावड़ा में शुरू हुआ चीन के बाहर दुनिया का सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज सिस्टम

नई दिल्ली, 26 मई (हि.स)। अडाणी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) ने गुजरात के खावड़ा में 3.37 गीगावाट प्रति घंटे क्षमता वाला बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) सफलतापूर्वक चालू कर दिया है। एजीईएल का दावा है कि यह चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट है और साथ ही दुनिया में सबसे तेज़ी से तैयार किए गए बड़े प्रोजेक्ट्स में भी शामिल है।

एजीईएल के अनुसार इसमें मार्च 2026 में शुरू की गई 1.37 गीगावॉट-आवर क्षमता भी शामिल है, जिसके बाद गुजरात के खावड़ा में एजीईएल की कुल ऑपरेशनल बीईएसएस क्षमता बढ़कर 3.37 गीगावॉट-आवर हो गई है। ये पूरा प्रोजेक्ट साइट पर निर्माण शुरू होने के केवल 10 महीनों के भीतर ही पूर्ण हो गया। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत ग्रिड की भरोसेमंद क्षमता बढ़ाने, पीक समय में बिजली आपूर्ति को मजबूत करने और रिन्यूएबल एनर्जी के जरिए बड़े स्तर पर 24 घंटे लगातार बिजली उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। एजीईएल का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 में 10 गीगावॉट-आवर से ज्यादा बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ने और अगले पाँच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 गीगावॉट-आवर तक पहुंचाने का है।

कंपनी के मुताबिक एजीईएल का 3.37 गीगावॉट-आवर बीईएसएस इतना क्लीन एनर्जी स्टोर कर सकता है कि उससे लगभग 10 लाख घरों को पूरे एक दिन तक बिजली दी जा सकती है। यह इंदौर तथा चंडीगढ़ जैसे शहरों या पूरे गोवा राज्य की पीक बिजली जरूरत को सपोर्ट करने में सक्षम है। इसके अलावा यह 1.2 करोड़ से ज्यादा एलईडी बल्बों को लगातार 10 घंटे तक बिजली दे सकता है। बैटरी स्टोरेज को रिन्यूएबल एनर्जी आधारित बिजली व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने और चौबीसों घंटे ग्रीन पॉवर उपलब्ध कराने में बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।

एजीईएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडाणी ने कहा कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा बदलाव के अगले चरण में बड़े स्तर पर एनर्जी स्टोरेज की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जैसे-जैसे रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता तेजी से बढ़ रही है, वैसे-वैसे भरोसेमंद और चौबीसों घंटे स्वच्छ बिजली उपलब्ध कराने के लिए स्टोरेज इंफ्रास्ट्रक्चर बेहद जरूरी हो जाता है। खावड़ा में 3.37 गीगावॉट-आवर बीईएसएस शुरू होने के साथ एजीईएल मजबूत, लचीली और जरूरत के मुताबिक बिजली उपलब्ध कराने वाली ऊर्जा व्यवस्था की नींव को और मजबूत कर रहा है। बैटरी स्टोरेज में हमारा निवेश भविष्य की जरूरतों के हिसाब से बड़े स्तर पर स्वच्छ ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की हमारी दीर्धकालिक विचारधारा को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि यह बीईएसएस प्रोजेक्ट एडवांस एनर्जी मैनेजमेंट सिस्टम और लिथियम-आयन बैटरी तकनीक के साथ तैयार किया गया है, ताकि बेहतर क्षमता, भरोसेमंद प्रदर्शन और ग्रिड की तेज़ प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके। एजीईएल ने इस प्रोजेक्ट को रणनीतिक रूप से गुजरात के खावड़ा में स्थापित किया है, जहां कंपनी दुनिया का सबसे बड़ा रिन्यूएबल एनर्जी प्लांट विकसित कर रही है। कंपनी ने यहां वर्ष 2029 तक 30 गीगावॉट क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा था, जिसमें से 9.9 गीगावॉट क्षमता पहले ही शुरू हो चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर