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दिसंबर तक 75 लाख घरों की छतों पर लग जाएगी सौर प्रणालीः प्रल्हाद जोशी

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दिसंबर तक 75 लाख घरों की छतों पर लग जाएगी सौर प्रणालीः प्रल्हाद जोशी


दिसंबर तक 75 लाख घरों की छतों पर लग जाएगी सौर प्रणालीः प्रल्हाद जोशी


दिसंबर तक 75 लाख घरों की छतों पर लग जाएगी सौर प्रणालीः प्रल्हाद जोशी


नई दिल्ली, 04 जून (हि.स)। केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने गुरुवार को विश्वास जताया कि 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत दिसंबर तक 75 लाख घरों में छतों पर सौर इकाई (रूफटॉप सोलर) लगाने का लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा।

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने जारी एक बयान में बताया कि प्रह्लाद जोशी ने यहां आयोजित ‘पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के दो साल: 1 करोड़ छतों तक सोलर होम का विस्तार’ कार्यक्रम के दौरान एक बातचीत में हिस्सा लेते हुए यह बात कही। इस अवसर पर प्रह्लाद जोशी ने 'पीएम सूर्य घर' का लोगो और व्हाट्सएप बॉट लॉन्च किया।

उन्होंने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना ने 2 साल के भीतर ही 40 लाख घरों का आंकड़ा पार कर लिया है, और मुझे उम्मीद है कि दिसंबर 2026 तक हम 75 लाख घरों का आंकड़ा भी पार कर लेंगे। फिलहाल इस योजना के तहत करीब 41 लाख घरों में सौर संयंत्र लगाए जा चुके हैं।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत की सौर ऊर्जा क्षमता तेज़ी से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि पहले 50 गीगावॉट तक पहुंचने में 96 महीने लगे। इसके बाद अगले 50 गीगावॉट के लिए 36 महीने लगे और 100 गीगावॉट से 150 गीगावॉट तक पहुंचने में केवल 14 महीने लगे।

उन्होंने यह भी कहा कि मई 2026 पीएम सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना के शुरू होने के बाद से सबसे अच्छा महीना रहा। इस एक महीने में रिकॉर्ड 3.16 लाख रूफ़टॉप सोलर लगाया गया और सिर्फ एक दिन में 15,000 घर इस योजना से जुड़े।

मंत्रालय के मुताबिक इस कार्यक्रम में दो उच्च-स्तरीय पूर्ण सत्र भी हुए, जिनमें भारत में रूफटॉप सोलर की भविष्य की दिशा पर ध्यान केंद्रित किया गया। पहला पूर्ण सत्र, 40 लाख से 1 करोड़ तक: पीएम सूर्य घर की यात्रा, में नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, विद्युत और वित्त मंत्रालयों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ-साथ प्रमुख वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस सत्र में 1 करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर को पहुंचाने के लिए ज़रूरी नीतियों, वित्तपोषण और कार्यान्वयन की प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई।

वहीं, दूसरा पूर्ण सत्र, सबनेशनल फ्रंटियर्सः पावरिंग द स्टेट-लेड सोलर सर्ज, में राज्यों के ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुखों को बुलाया गया। इस सत्र में राज्यों के बीच आपसी सीख, नए प्रोत्साहन मॉडल और रूफटॉप सोलर के विस्तार को डिस्कॉम की स्थिरता और राज्य-स्तरीय ऊर्जा प्राथमिकताओं के साथ संतुलित करने की रणनीतियों पर चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर