(अपडेट) स्टीमहाउस इंडिया की मजबूत लिस्टिंग से मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई दिल्ली, 17 सितंबर (हि.स.)। पाइपलाइन नेटवर्क के जरिये विभिन्न उद्योगों को वाष्प (स्टीम) और नाइट्रोजन गैस की आपूर्ति करने वाली तथा कम्युनिटी बॉयलर सिस्टम चलाने वाली कंपनी स्टीम हाउस इंडिया लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 81 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 14.81 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 93 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 16.67 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 94.50 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद मुनाफा वसूली के चक्कर में हुई बिकवाली के कारण ये शेयर गिर कर 91.60 रुपये के स्तर तक आ गया। हालांकि, इसके बाद लिवाली शुरू हो जाने पर इसकी चाल में तेजी आ गई। लगातार हो रही खरीदारी के सपोर्ट से ये कुछ देर में ही उछल कर 103.95 रुपये के अपर सर्किट लेवल तक पहुंच गया। इस स्तर पर एक बार फिर मुनाफा वसूली शुरू हो गई, जिससे अपर सर्किट ब्रेक हो गया। बाजार में दिन भर हुई खरीद बिक्री के बाद ये शेयर 102.20 रुपये के स्तर पर बंद हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 21.20 रुपये यानी 26.17 प्रतिशत का फायदा हो गया।
इस कंपनी का 414 करोड़ रुपये का आईपीओ 9 से 11 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 32.07 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 46.19 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 46.60 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 17.78 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 2 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 5,11,11,110 शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग 353 करोड़ रुपये के 4,35,80,246 नए शेयर जारी किये गए हैं, जबकि लगभग 61 करोड़ रुपये के 75,30,864 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी का सेटअप करने, प्रोडक्शन कैपेसिटी बढ़ाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
स्टीम हाउस इंडिया की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 27.19 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 31.16 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 38.64 करोड़ रुपये हो गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 293.16 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 398.53 करोड़ रुपये और 2025-26 में उछल कर 494.97 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ भी लगातार बढ़ता चला गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 202.71 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 222.95 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 281.62 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 58.35 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 87.25 करोड़ रुपये के स्तर पर और 2025-26 में 127.57 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 102.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 131 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 163.76 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 68.41 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 69.32 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 83.49 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / योगिता पाठक

