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इंडस्ट्री से दोगुनी रफ्तार से बढ़ी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस

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इंडस्ट्री से दोगुनी रफ्तार से बढ़ी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस


जयपुर, 13 मई (हि.स.)। निजी क्षेत्र की अग्रणी बीमा कंपनी श्रीराम जनरल इंश्योरेंस ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में शानदार प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी का ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम (जीडीपी) जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में 21 फीसदी बढ़कर 1332 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष समान अवधि में यह 1099 करोड़ रुपये था। यह वृद्धि उद्योग की औसत 11 फीसदी ग्रोथ से काफी अधिक रही।

कंपनी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में जीडीपी 24 फीसदी बढ़कर 4636 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 3753 करोड़ रुपये था। उद्योग की 9 फीसदी वृद्धि की तुलना में कंपनी की ग्रोथ करीब ढाई गुना रही। शुद्ध मुनाफे में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई। चौथी तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट 28 फीसदी बढ़कर 167 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष समान अवधि में 130 करोड़ रुपये था। वहीं पूरे वित्त वर्ष का कुल शुद्ध लाभ 17 फीसदी बढ़कर 601 करोड़ रुपये पहुंच गया। कंपनी बोर्ड ने 53 फीसदी अंतिम लाभांश को मंजूरी दी है, जिससे कुल लाभांश भुगतान 162 फीसदी हो गया है।

कंपनी का मोटर इंश्योरेंस पोर्टफोलियो ग्रोथ का मुख्य आधार बना रहा। चौथी तिमाही में मोटर सेगमेंट में 21.48 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पूरे वित्त वर्ष में यह वृद्धि 23.43 फीसदी रही। हेल्थ इंश्योरेंस सेगमेंट में भी उल्लेखनीय तेजी देखने को मिली, जहां चौथी तिमाही में 524 फीसदी से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज हुई। मार्च 2026 तक कंपनी का सॉल्वेंसी रेश्यो 2.95 रहा, जो नियामकीय मानक 1.50 से काफी बेहतर है। कंपनी ने वर्षभर में 19,221 नए फाइनेंशियल एडवाइजर जोड़े, जिससे कुल नेटवर्क बढ़कर 1.05 लाख से अधिक हो गया। वहीं ब्रांच नेटवर्क भी बढ़कर 289 तक पहुंच गया। कंपनी के एमडी एवं सीईओ अनिल अग्रवाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धी माहौल के बावजूद कंपनी ने लगातार चौथे वर्ष उद्योग से बेहतर प्रदर्शन किया है। अनुशासित अंडरराइटिंग, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बेहतर क्लेम सेटलमेंट इसकी प्रमुख वजहें रही हैं।

कंपनी ने चौथी तिमाही में ‘श्री हेल्थ सुरक्षा 2.0’ नाम से नया स्वास्थ्य बीमा उत्पाद भी लॉन्च किया है, जिसमें बिना रूम रेंट सीमा, असीमित सम इंश्योर्ड रिस्टोरेशन और एयर एम्बुलेंस जैसी सुविधाएं शामिल हैं। कंपनी ने आगामी वर्षों में फाइनेंशियल एडवाइजर नेटवर्क को बढ़ाकर दो लाख तक पहुंचाने तथा वर्ष 2030 तक 10 हजार करोड़ रुपये जीडीपी हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / दिनेश