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संवाद से ही समस्याओं का स्थायी समाधान संभव, छात्र-युवा शक्ति राष्ट्र का गौरव : पूर्व केंद्रीय मंत्री

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संवाद से ही समस्याओं का स्थायी समाधान संभव, छात्र-युवा शक्ति राष्ट्र का गौरव : पूर्व केंद्रीय मंत्री


भागलपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने गुरुवार को आज की राजनीतिक परिस्थितियों पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है। देश और नई पीढ़ी के हित में हम सभी को संवेदनशीलता, संयम और जिम्मेदारी के साथ विचार करना चाहिए। देश को हर परिस्थिति में सुरक्षित, सशक्त और एकजुट बनाए रखने के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना होगा।

अश्विनी चौबे ने कहा कि भारत की पहचान सहिष्णुता, संवेदना और त्याग की महान परंपरा में है। सनातन संस्कृति की शक्ति जीवन-मूल्यों, राष्ट्रहित और मानवीयता के लिए सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या का स्थायी समाधान संवाद के माध्यम से ही संभव है। लोकतंत्र में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए। असहमति का अधिकार लोकतंत्र की शक्ति है, परंतु राष्ट्रहित और सामाजिक सद्भाव सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छात्र और युवा शक्ति राष्ट्र का गौरव हैं। उनकी आकांक्षाओं, समस्याओं और भविष्य की अवहेलना किसी भी कीमत पर नहीं की जा सकती। देश की युवा पीढ़ी भारत के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। इसलिए उनके हितों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ विचार करना हम सभी का दायित्व है।

अश्विनी चौबे ने कहा कि यही भारत की श्रेष्ठता है, यही हमारी सनातन संस्कृति की शक्ति है और यही हमारी महान विरासत है। राष्ट्रहित, सामाजिक समरसता, मानवीय संवेदना और संवाद की परंपरा को मजबूत करते हुए हम सभी को मिलकर भारत को सुरक्षित, सशक्त, समृद्ध और एकजुट बनाने का संकल्प लेना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर