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राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य से पीछे रहने वाले विभागों पर जिलाधिकारी सख्त

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राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश, लक्ष्य से पीछे रहने वाले विभागों पर जिलाधिकारी सख्त


सुपौल, 15 जुलाई (हि.स.)। जिलाधिकारी सावन कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय में आंतरिक संसाधन से जुड़े विभागों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई।

बैठक में विभिन्न राजस्व अर्जक विभागों द्वारा जून 2026 तक की राजस्व वसूली की विभागवार समीक्षा की गई तथा लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों को वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला राजस्व शाखा, वाणिज्यकर, निबंधन, उत्पाद, विद्युत, खनन, वन, मत्स्य, माप-तौल विभाग के साथ नगर परिषद एवं नगर पंचायतों के पदाधिकारी उपस्थित थे। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक राजस्व लक्ष्य 72,301.84 लाख रुपये निर्धारित है। इसके विरुद्ध जून 2026 तक 14,603.35 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो प्रतिवेदित अवधि के लक्ष्य 17,983.95 लाख रुपये का 81.20 प्रतिशत तथा वार्षिक लक्ष्य का 20.20 प्रतिशत है। वहीं कोषागार एवं बैंक में 10,578.21 लाख रुपये जमा किए गए हैं।

विभागवार समीक्षा में वाणिज्यकर विभाग द्वारा जून माह में 1,068.93 लाख रुपये तथा संचयी रूप से 4,123.76 लाख रुपये, निबंधन विभाग द्वारा 2,892.85 लाख रुपये, उत्पाद विभाग द्वारा 1,533.26 लाख रुपये, विद्युत विभाग द्वारा 3,331.44 लाख रुपये तथा खनन विभाग द्वारा 505.27 लाख रुपये की राजस्व वसूली की जानकारी दी गई।

समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि कुछ विभागों की उपलब्धि संतोषजनक रही, जबकि खनन विभाग, कुछ नगर निकायों एवं अन्य विभागों की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राजस्व वसूली में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य हर हाल में पूरा करने का निर्देश दिया। बैठक में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को प्रतिदिन राजस्व वसूली की समीक्षा करने, लंबित बकायेदारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाने, प्रमाणपत्र वाद एवं अन्य विधिक कार्रवाई में तेजी लाने, बैंक एवं कोषागार में जमा राशि का समय पर मिलान कर जिला राजस्व शाखा को प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

उन्होंने नगर परिषद एवं नगर पंचायतों को होल्डिंग टैक्स, ट्रेड लाइसेंस, जलकर एवं अन्य स्थानीय करों की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने, खनन विभाग को अवैध खनन एवं परिवहन पर सख्त कार्रवाई कर राजस्व बढ़ाने, विद्युत विभाग को बकायेदार उपभोक्ताओं से वसूली तेज करने तथा आवश्यकता पड़ने पर बिजली विच्छेदन की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं निबंधन विभाग को लंबित दस्तावेजों का शीघ्र निष्पादन तथा वाणिज्यकर विभाग को बड़े करदाताओं और बकायेदारों की नियमित समीक्षा कर अधिकतम वसूली सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगामी समीक्षा बैठक तक सभी विभाग अपने-अपने लक्ष्य के अनुरूप उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें। जिन विभागों का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहेगा, उनसे कारण पूछा जाएगा। बैठक के अंत में जिलाधिकारी सावन कुमार ने कहा कि आंतरिक संसाधन जिले के विकास का महत्वपूर्ण आधार है। सभी विभाग समन्वय के साथ गंभीरता से कार्य करें और राजस्व वसूली को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक में उपस्थित सभी विभागीय अधिकारियों ने निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र