बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना से मदरसों में शैक्षणिक सुधार एवं आधारभूत संरचना को मिल रहा नया आयाम
पटना, 20 अगस्त (हि.स.)। बिहार सरकार द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने तथा मदरसों में शैक्षणिक स्तर एवं आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बिहार राज्य मदरसा सुदृढ़ीकरण योजना का संचालन किया जा रहा है। यह योजना वित्तीय वर्ष 2018-19 में प्रारंभ की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त अनुदानित मदरसों में शैक्षणिक सुधार, मूलभूत सुविधाओं एवं आधारभूत संरचना से संबंधित विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 तक 68 मदरसों में निर्माण कार्य हेतु ₹17505.2 लाख मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है। इनमें से 32 मदरसों में निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया है, जबकि शेष मदरसों में निर्माण कार्य प्रगति पर है।
मदरसों के शैक्षणिक स्तर को और बेहतर बनाने एवं विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षण व्यवस्था से जोड़ने के उद्देश्य से इस योजना के अंतर्गत आभासी शिक्षण एवं विज्ञान अधिगम के माध्यम से मदरसा शिक्षा का सशक्तीकरण परियोजना संचालित की जा रही है।
मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना तथा बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड, पटना के संयुक्त तत्वावधान में ऑनलाइन एवं स्मार्ट कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से मदरसों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, गणित, हिंदी आदि विषयों की ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।
इस योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में 297.58 लाख रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है।
इसके साथ ही, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार तथा मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय, पटना (नोडल एजेंसी) के संयुक्त तत्वावधान में राज्य सरकार द्वारा प्रस्वीकृत आलिम एवं फाजिल स्तर के मदरसों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के कौशल विकास एवं प्रशिक्षण हेतु 09 मदरसों एवं 01 विश्वविद्यालय सहित कुल 10 केंद्रों पर पांच तकनीकी एवं रोजगारपरक पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इनमें अरबी-अंग्रेजी एवं अंग्रेजी-अरबी अनुवाद पाठ्यक्र व्यावहारिक फारसी में डिप्लोमा, कंप्यूटर की मूलभूत जानकारी में प्रमाण-पत्र, घरेलू विद्युत तार संयोजन में प्रमाण-पत्र तथा दूरसंचार एवं मोबाइल प्रौद्योगिकी में प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम शामिल हैं। तकनीकी कोर्स संचालन हेतु विभाग द्वारा 597.61 लाख रूपये की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।
बिहार सरकार की इस पहल का उद्देश्य मदरसों में बेहतर आधारभूत संरचना, आधुनिक शिक्षण व्यवस्था, तकनीकी दक्षता एवं रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देकर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / चंदा कुमारी

