फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को मिली रफ्तार, जिले में 5804 बच्चों की जांच, 17 में संक्रमण की पुष्टि
किशनगंज, 22 मई (हि.स.)। फाइलेरिया उन्मूलन को लेकर किशनगंज जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित टीएएस-1 (ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वेक्षण-1) अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। वर्षों से संचालित सामूहिक दवा सेवन अभियान के बाद अब जिले में वैज्ञानिक सर्वेक्षण के माध्यम से संक्रमण की वास्तविक स्थिति का आंकलन किया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 5804 बच्चों की जांच की गई है, जिनमें 17 बच्चों में फाइलेरिया संक्रमण की पुष्टि हुई है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा ठाकुरगंज प्रखंड को छोड़कर जिले के विभिन्न प्रखंडों के सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा 1 एवं 2 के बच्चों की जांच कराई जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार इस आयु वर्ग के बच्चों की जांच से हालिया संक्रमण की वास्तविक स्थिति का पता चलता है।
अभियान के दौरान प्रशिक्षित स्वास्थ्य टीमों द्वारा विद्यालयों में पहुंचकर बच्चों के नमूने लेकर वैज्ञानिक पद्धति से जांच की जा रही है।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. मंजर आलम, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं अविनाश राय द्वारा लगातार अभियान की मॉनिटरिंग की जा रही है। अधिकारियों ने विद्यालयों में जांच प्रक्रिया, नमूना संग्रहण एवं अभिलेख संधारण का निरीक्षण कर टीमों को गुणवत्ता एवं पारदर्शिता के साथ सर्वेक्षण पूरा करने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी विशाल राज ने कहा कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसहभागिता से जुड़ा महत्वपूर्ण अभियान है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने तथा जांच कार्य में स्वास्थ्य विभाग का सहयोग करने की अपील की।
सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने कहा कि संक्रमण की प्रारंभिक पहचान एवं समय पर उपचार से बीमारी पर नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि बच्चों की जांच पूरी तरह सुरक्षित एवं वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है। फाइलेरिया एक गंभीर मच्छरजनित परजीवी रोग है, जिससे शरीर के अंगों में असामान्य सूजन हो सकती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि टीएएस-1 सर्वेक्षण से भविष्य में जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा और मजबूत होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / धर्मेन्द्र सिंह

