home page

सीढ़ी से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का हंगामा

 | 
सीढ़ी से गिरकर युवक की मौत, परिजनों का हंगामा


भागलपुर, 30 अगस्त (हि.स.)।

जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में रविवार को एक बार फिर मानवता और स्वास्थ्य व्यवस्था को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है।

अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और डॉक्टरों की संवेदनहीनता के कारण एक चौबीस वर्षीय घायल युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की पहचान झारखंड के मिर्जाचौकी निवासी मिथिलेश पासवान के रूप में हुई है। घटना से आक्रोशित परिजन ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक जमकर हंगामा किया, जिसे बाद में बरारी पुलिस चौकी के जवानों ने शांत कराया। घटना के संबंध में मृतक के भाई छोटू पासवान ने रोते हुए बताया कि मिथिलेश सीढ़ी से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था।

बेहतर इलाज की उम्मीद में परिजन उसे पूर्वी बिहार के सबसे बड़े अस्पताल मायागंज लेकर आए थे। आरोप है कि इमरजेंसी गेट के बाहर ही उन्हें डेढ़ घंटे से अधिक समय तक खड़ा रखा गया। इसके बाद जब डॉक्टर आए, तो उन्होंने मरीज को देखने के बजाय दूसरे विभाग में रेफर कर दिया। परिजन घायल को लेकर दूसरे विभाग गए तो वहां से भी उन्हें यह कहकर टाल दिया गया कि यहाँ इलाज नहीं होगा।

करीब चार घंटे तक परिजन मरीज को लेकर एक विभाग से दूसरे विभाग भटकते रहे, लेकिन किसी भी डॉक्टर ने न तो मरीज की जांच की और न ही कोई इमरजेंसी इंजेक्शन लगाया। मृतक के भाई का यह भी आरोप है कि जब उन्होंने डॉक्टरों से मिथिलेश की बिगड़ती हालत को देखकर गुहार लगाई, तो डॉक्टरों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की और पुलिस के सामने ही साफ कह दिया कि यहाँ इलाज नहीं होगा।

समय पर इलाज न मिलने के कारण आखिरकार मिथिलेश ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, इस गंभीर लापरवाही और हंगामे के मामले पर जब अस्पताल अधीक्षक से उनका पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन का कोई जवाब नहीं दिया। युवक की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने डॉक्टरों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। तीन घंटे तक चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद बरारी पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों ने परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया।

पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन में जुट गई है। इस घटना ने एक बार फिर मायागंज अस्पताल की आपातकालीन सेवाओं और डॉक्टरों के रवैये पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर