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महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर परिवर्तन का आदेश निरस्त, सीडीपीओ से 24 घंटे में मांगा स्पष्टीकरण

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सुपौल, 25 अगस्त (हि.स.)। सदर प्रखंड में बाल विकास परियोजना के तहत कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर परिवर्तन को लेकर मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

इस मुद्दे को लेकर जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी से मिलकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि अगस्त माह में सदर प्रखंड में कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर में बदलाव कर दिया गया था।

मामले में बाल विकास परियोजना कार्यालय, सुपौल सदर की ओर से जारी आदेश में पूर्व में किए गए सेक्टर परिवर्तन को तत्काल प्रभाव से निरस्त करते हुए पूर्व से प्रचलित सेक्टर व्यवस्था को अगले आदेश तक यथावत रखने का निर्देश दिया गया है।

पत्र में कहा गया है कि महिला पर्यवेक्षकों के आवंटित सेक्टर में परिवर्तन किए जाने से पूर्व संबंधित कर्मी के कार्य-निष्पादन, प्रशासनिक आवश्यकता, पर्यवेक्षण की स्थिति तथा सेक्टर परिवर्तन की स्पष्ट एवं औचित्यपूर्ण आवश्यकता का समुचित परीक्षण किया जाना अपेक्षित था। केवल सामान्य आधार का उल्लेख करते हुए सेक्टर परिवर्तन किया जाना पर्याप्त एवं संतोषजनक नहीं माना गया है।

आदेश में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सुपौल सदर को निर्देश दिया गया है कि संबंधित महिला पर्यवेक्षिका के सेक्टर परिवर्तन की आवश्यकता के स्पष्ट कारण एवं अभिलेख के आधार पर 24 घंटे के अंदर अधोहस्ताक्षरी कार्यालय में स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। निर्धारित अवधि में संतोषजनक एवं तथ्यपरक स्पष्टीकरण नहीं मिलने पर यह माना जाएगा कि इस संबंध में कोई समुचित कारण नहीं है और नियमानुसार अग्रेतर विभागीय कार्रवाई की जाएगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारी की होगी।

पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि पूर्व में प्रचलित सेक्टर व्यवस्था को अगले आदेश तक यथावत रखा जाएगा।

आदेश की प्रति सदर प्रखंड की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं, बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, उप विकास आयुक्त, जिला पदाधिकारी तथा निदेशक, आईसीडीएस, निदेशालय बिहार, पटना को भी सूचना एवं अनुपालन के लिए भेजी गई है।

जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर परिवर्तन में पारदर्शिता और नियमों का पालन जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / विनय कुमार मिश्र