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सरकारी विद्यालयों में चला व्यापक औचक निरीक्षण अभियान

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सरकारी विद्यालयों में चला व्यापक औचक निरीक्षण अभियान


सरकारी विद्यालयों में चला व्यापक औचक निरीक्षण अभियान


सरकारी विद्यालयों में चला व्यापक औचक निरीक्षण अभियान


पटना, 21 अप्रैल (हि.स.)। समस्तीपुर के जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा के निर्देश पर आज जिले के सभी प्रखंडों में जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक के पदाधिकारियों द्वारा जिला अंतर्गत कुल 37 सरकारी विद्यालयों का व्यापक औचक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक व्यवस्था, आधारभूत संरचना तथा सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का आकलन करना था।

निरीक्षण के दौरान पदाधिकारियों द्वारा विद्यालय भवन की उपलब्धता, कक्षाओं की स्थिति, मरम्मत की आवश्यकता एवं साफ-सफाई की व्यवस्था, छात्र-छात्राओं का नामांकन बनाम वास्तविक उपस्थिति, अनुपस्थित विद्यार्थियों की स्थिति एवं कारण, मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, मात्रा की साथ ही मेनू के अनुरूप वितरण एवं स्वच्छता मानकों का अनुपालन जांच की गई।

साथ ही छात्र-छात्राओं को प्रदत्त पोशाक, छात्रवृत्ति एवं अन्य प्रोत्साहन योजनाओं की प्रगति, विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक संसाधन, शिक्षकों की उपस्थिति एवं शिक्षण कार्य की गुणवत्ता, कक्षा संचालन की स्थिति, बच्चों की अधिगम स्तर का आकलन, पेयजल, शौचालय, बिजली, खेलकूद सामग्री एवं अन्य बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता, विद्यालय परिसर की सुरक्षा व्यवस्था एवं समग्र शैक्षणिक वातावरण की जांच की गई।

निरीक्षण के क्रम में कई विद्यालयों में व्यवस्था संतोषजनक पाई गई, वहीं कुछ विद्यालयों में कमियां भी चिन्हित की गईं, जैसे विद्यार्थियों की अपेक्षाकृत कम उपस्थिति, मध्याह्न भोजन के संचालन में अनियमितता, भवन के रख-रखाव में कमी आदि।

जिलाधिकारी द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का स्पष्ट उल्लेख करते हुए विस्तृत प्रतिवेदन निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराएं तथा जिन विद्यालयों में अनियमितता पाई गई है, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई हेतु अनुशंसा करें।

सभी पदाधिकारियों द्वारा निरीक्षण उपरांत अपना प्रतिवेदन उपलब्ध करा दिया गया है। प्राप्त प्रतिवेदनों के आलोक में दोषी व्यक्तियों/कार्मिकों के विरुद्ध आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी तथा संबंधित विद्यालयों में सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। विद्यालयों में नियमित रूप से निरीक्षण की प्रक्रिया जारी रखी जाएगी, ताकि बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / त्रिलोकनाथ उपाध्याय