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नेपाल के सुनसरी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालत बेकाबू,पूर्व–पश्चिम राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध

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नेपाल के सुनसरी में भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद हालत बेकाबू,पूर्व–पश्चिम राजमार्ग पूरी तरह अवरुद्ध


अररिया 28 जुलाई(हि.स.)। बिहार में अररिया जिला सीमा से सटे नेपाल के दीवानगंज में बोलबम यात्रा को लेकर उत्पन्न विवाद से भड़की सांप्रदायिक हिंसा के चपेट में नेपाल के कई सीमावर्ती गांव पालिका और महा नगरपालिका क्षेत्र आ गया है।

दो समुदाय के लोग आमने सामने हो गए हैं और जगह जगह सुरक्षा एजेंसियों के साथ उनकी मुठभेड़ हो रही है। कोशी बैराज से पकली इटहरी तक कर्फ्यू लगाया गया है। सड़क पर नेपाली पुलिस के साथ सेना के जवान उतर गए हैं। बावजूद इसके प्रदर्शनकारी कई गुटों में विभिन्न स्थानों पर आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं। दोनों समुदाय के लोग भी अपने लोगों के साथ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं,जिसके कारण लगातार हालात बेकाबू होता जा रहा है।

भोकराहा नरसिंह चौक कर तनाव के बीच नेपाल पुलिस की ओर से भीड़ को नियंत्रित और हटाने के लिए दस राउंड टियर गैस छोड़े गए।वहीं इनरवा बस चौक पर भी सामने से भीड़ के द्वारा किए जा रहे पथराव और आगजनी को लेकर नेपाल पुलिस की ओर से 15 राउंड टियर गैस छोड़ा गया। पूर्व-पश्चिम महेंद्र राजमार्ग पूरी तरह से प्रदर्शनकारियों ने अवरुद्ध कर दिया है। कोशी प्रदेश के मोरंग सुनसरी और मधेश प्रदेश के सप्तरी,सिराहा,धनुषा, मोहतरी,परसा से बीरगंज सड़क पूरी तरह से ठप्प हो गया है।

उल्लेखनीय हो कि रविवार की देर रात्रि सुनसरी जिले के देवानगंज मे बोलबम यात्रा को लेकर उत्पन्न विवाद को लेकर दो समुदायों के आमने सामने होने पर नेपाल पुलिस के द्वारा की गई फायरिंग में 24वर्षीय ओम प्रकाश मेहता की मौत गोली लगने से हो गयी थी।वहीं 9 युवक गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पताल में किया जा रहा है। ओम प्रकाश मेहता के मौत के बाद दोनों समुदायों के बीच का तनाव सोमवार की तुलना में मंगलवार को और ज्यादा उग्र हो गया,जिसका प्रतिकूल असर बॉर्डर इलाके के जनजीवन पर पड़ा है।

अपने अपने बाहुल्य इलाकों में खास विशेष समुदाय के द्वारा प्रदर्शन कर कानून व्यवस्था को खुली चुनौती दी जा रही है। आंदोलन नेतृत्वविहीन है। जिसके कारण सुरक्षा एजेंसी को नियंत्रण करने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सुनसरी के प्रमुख जिला अधिकारी ईश्वरी प्रसाद अर्याल ने भी इस बात पर अपनी सहमति दी है। स्थिति नियंत्रण के लिए नेपाली सेना,सशस्त्र पुलिस बल और नेपाल पुलिस को व्यापक संख्या मे लगाया गया है।सुनसरी जिला प्रमुख अर्याल ने आंदोलन मे रहे दोनों पक्ष से संयम अपनाने की अपील की है और वार्ता के माध्यम से समस्या के समाधान करने का आग्रह किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर