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वीबी-जी राम जीः 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर : श्रवण कुमार

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वीबी-जी राम जीः 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर : श्रवण कुमार


पटना, 02 जुलाई (हि.स.)।

विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी अधिनियम, 2025 (वीबी-जी राम जी) का गुरुवार को पटना के अभिवेशन भवन में भव्य शुभारंभ किया गया। इस मौके पर विभागीय मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मनरेगा के 20 वर्षों के लंबे सफर के बाद अब वीबी-जी राम जी के रूप में नई यात्रा की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत 15 दिन में रोजगार नहीं मिलने पर बेरोजगारी भत्ता के दावेदार होंगे मजदूर।

मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि इस नई योजना में कामगारों को कई तरीके के लाभ होंगे। इसमें मुख्य रूप से रोजगार के लिए आवेदन करने वाले कामगारों को निर्धारित समय के भीतर (15 दिन) में काम नहीं दिए जाने पर उन्हें सरकार बेरोजगारी भत्ता देगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रथम 30 दिनों के लिए बेरोजगारी भत्ते का दर एक चौथाई और शेष वित्तीय वर्ष के लिए आधा निर्धारित है। अकुशल कामगारों को भुगतान की गई बेरोजगारी भत्ता राशि का वहन राज्य सरकार करेगी और इसकी वसूली उत्तरदायी पदाधिकारी, अभिकरणों से 30 दिन के भीतर की जाएगी।

मंत्री कुमार ने बताया कि अकुशल मजदूरों का मास्टर रोल बंद होने पर मजदूरी का भुगतान 15 दिन में नहीं होने पर बकाया राशि का 0.05 फीसदी प्रतिदिन के हिसाब से स्वतः क्षतिपूर्ति देय होगा। उन्होंने कहा कि मनरेगा में केंद्र सरकार मांग आधारित फंडिंग करती थी जबकि वीबी-जी राम जी में राज्यों की जनसंख्या, प्रति व्यक्ति आय और पिछड़ापन के आधार पर वित्तीय वर्ष के शुरुआत में ही प्रत्येक राज्य के लिए एक निश्चित बजट बनाने का प्रावधान है।

उन्होंने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना में ग्राम पंचायतों को उनकी स्थानीय आवश्यकताओं एवं विकास इंडेक्स, संसाधनों के आधार पर ए, बी, सी यानी तीन श्रेणियों में बांटा गया है। इसका मुख्य उद्देश्य विकेंद्रित और स्थानीय योजनाओं को बेहतर बनाने के साथ विकसित भारत 2047 के अनुरूप काम करना है।

मंत्री कुमार ने कार्यक्रम में उपस्थिति विभागों के पदाधिकारी, जीविका दीदियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज का दिन ग्रामीण विकास के इतिहास में काफी महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना न सिर्फ हमारे प्रदेश के लिए बल्कि देश के करोड़ों ग्रामीण श्रमिक परिवारों के जीवन को बदलना की क्षमता रखती है। मनरेगा और नई योजना वीबी-जी राम जी में कई भिन्नता है।

उन्होंने बताया कि मनरेगा में जहां एक वर्ष में 100 दिन के लिए रोजगार की गारंटी मिलती थी वहीं इस नई योजना में अकुशल कामगारों को 125 दिन की रोजगार की गारंटी दी जाएगी। मनरेगा में अकुशल मजदूरी की समस्त राशि का वहन केंद्र सरकार करती थी लेकिन वीबी-जी राम जी में अकुशल मजदूरी मद में 40 फीसदी राशि राज्य सरकार वहन करेगी।

कुमार ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना में नौ महीने के लिए केंद्रांश के रूप में 6715 करोड़ 83 लाख रुपये आवंटित हुए हैं। इसी तरीके से इस योजना को मूर्तरूप देने की दिशा में इसी समयावधि के लिए राज्य सरकार ने 4477 करोड़ 22 लाख रुपये का प्रावधान किया है।

उन्होंने बताया कि जल जीवन हरियाली मिशन के तहत अभी तक राज्य भर में 20 करोड़ से भी अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। इस वित्तीय वर्ष में 1.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित है। उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में राज्य में किए गए पौधरोपण का ही नतीजा है कि आज हरित क्षेत्र नौ फीसदी से बढ़कर 16 फीसदी तक पहुंच चुका है। आने वाले समय में 33 फीसदी के लक्ष्य को छूने पर विभाग तेजी से काम कर रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद चौधरी