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महर्षि वाल्मीकि की रामायण मर्यादा, न्याय, करुणा और सामाजिक समरसता का शाश्वत संदेश देती है : संजय सरावगी

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महर्षि वाल्मीकि की रामायण मर्यादा, न्याय, करुणा और सामाजिक समरसता का शाश्वत संदेश देती है : संजय सरावगी


पटना, 25 अक्टूबर (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने रविवार को वाल्मीकि जयंती की पूर्व संध्या पर पटना स्थित बाबू जगजीवन राम शोध संस्थान भवन में आयोजित ‘वाल्मीकि के राम’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने महर्षि वाल्मीकि के जीवन, कृतित्व और रामायण के शाश्वत संदेशों पर प्रकाश डाला।

संजय सरावगी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की रामायण भारतीय संस्कृति, सभ्यता और नैतिक मूल्यों की अमूल्य धरोहर है। यह केवल एक महाकाव्य नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला और आदर्श समाज की स्थापना का मार्ग दिखाने वाला ग्रंथ है। महर्षि वाल्मीकि की रामायण मर्यादा, न्याय, करुणा और सामाजिक समरसता का शाश्वत संदेश देती है, जो आज भी समाज को प्रेरित करती है।

उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कर्तव्यनिष्ठा, त्याग, सत्य और लोककल्याण की भावना का संदेश देता है। वहीं, महर्षि वाल्मीकि की रचनाएं समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करने और लोगों को सदाचार के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। रामायण के आदर्शों को अपने आचरण में उतारकर हम एक बेहतर, संवेदनशील और समरस समाज के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के आदर्शों को आत्मसात कर समाज में सद्भाव, समानता और परस्पर सम्मान की भावना को मजबूत किया जा सकता है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को याद करने और उनके संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

कार्यक्रम में बिहार सरकार की मंत्री रमा निषाद, मुख्य सचेतक संजीव चौरसिया, भाजपा नेता राजेश वर्मा, कार्यक्रम के आयोजक राजेश कुमार वाल्मीकि उर्फ रमैया सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुरभित दत्त