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भागलपुर में बंद के दौरान हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज

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भागलपुर में बंद के दौरान हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज


भागलपुर में बंद के दौरान हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज


भागलपुर में बंद के दौरान हंगामा, पुलिस ने किया लाठीचार्ज


भागलपुर, 25 जुलाई (हि.स.)। नीट पेपर लीक और प्रदर्शनकारी छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को वामपंथी छात्र संगठनों द्वारा बुलाए गए बिहार बंद के दौरान भागलपुर में हंगामा और उग्र प्रदर्शन देखने को मिला है। रेलवे स्टेशन से शुरू हुआ छात्रों का शांतिपूर्ण आक्रोश मार्च जैसे ही तिलकामांझी चौक पहुंचा, वहां प्रदर्शन बेहद उग्र हो गया। तिलकामांझी चौक पूरी तरह से रणक्षेत्र तब्दील हो गया। शहर के अन्य इलाकों की तुलना में तिलकामांझी चौक पर बंद का सबसे उग्र और हिंसक असर देखने को मिला।

तिलकामांझी चौक पर सैंकड़ों उग्र प्रदर्शनकारी और छात्र जमा हो गए। इस दौरान भीड़ ने वहां से गुजरने वाले प्रशासनिक और पुलिस के वाहनों पर हमला बोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने वहां जमकर नारेबाजी की और राजनीतिक दल के नेताओं और आम लोगों की गाड़ियों के शीशे तोड़ डाले। स्थिति को नियंत्रित करने पहुंची पुलिस टीम पर उग्र भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। बेकाबू स्थिति को संभालने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर कड़ा लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस की लाठियां चलते ही चौक पर भगदड़ मच गई, जिससे कई प्रदर्शनकारी छात्र चोटिल और घायल हुए हैं। बंद समर्थकों ने तिलकामांझी चौक के चारों ओर की सड़कों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। लाठीचार्ज के बाद भी कई छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और चौक के आसपास ही सड़क पर धरने पर बैठ गए। इस वजह से कचहरी, बरारी और जीरो माइल की तरफ जाने वाला यातायात लंबे समय तक बाधित रहा।

तिलकामांझी चौक पर हुई अचानक हिंसा और तोड़फोड़ के बाद तिलकामांझी बाजार और आसपास की तमाम दुकानें धड़ाधड़ बंद हो गईं। सुरक्षा के मद्देनजर व्यापारियों ने अपने शटर गिरा लिए। फिलहाल तिलकामांझी चौक पर भारी संख्या में पुलिस बल और रैपिड एक्शन फोर्स को तैनात कर दिया गया है। मौके पर जिलाधिकारी, एसएसपी और अन्य वरीय प्रशासनिक अधिकारी कैंप कर रहे हैं और स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बनी हुई है। हालांकि बंद समर्थकों ने दुकानों को जबरन बंद नहीं कराया, लेकिन सुरक्षा और एहतियात के तौर पर शहर की 50 प्रतिशत से अधिक दुकानें स्वतः बंद रहीं। सड़कों पर निजी वाहनों का परिचालन बहुत कम रहा और ग्रामीण इलाकों से आने वाले यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट देखी गई। वहीं घंटाघर, स्टेशन चौक, खलीफाबाग और कचहरी चौक जैसे संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। छात्र संगठनों और विपक्ष ने नीट परीक्षा में हुई धांधली की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर