सवर्ण समाज एकता मंच का यूजीसी कानून वापसी को लेकर प्रदर्शन,विरोध मार्च के साथ जनसभा
अररिया 15 मार्च(हि.स.)। फारबिसगंज में सवर्ण समाज एकता मंच के बैनरतले रविवार को यूजीसी कानून के विरोध में प्रदर्शन किया गया।हजारों की संख्या में सवर्ण समाज के लोगों ने शहर भर में विरोध मार्च किया गया।इससे पहले फारबिसगंज के प्लस टू स्तरीय द्विजदेनी स्कूल के मैदान में जनसभा का आयोजन किया गया,जिसमें हजारों की संख्या में जिले के सभी प्रखंडों से सवर्ण समाज के लोगों ने अपनी भागीदारी दी।
जनसभा में सैकड़ों लोगों ने शामिल हाे यूजीसी कानून का विरोध किया और सरकार से इसे वापस लेने की मांग की।
मौके पर मौजूद वक्ताओं ने कहा कि यूजीसी के 2026 के नए समानता विनियमों का कड़ा विरोध है।वक्ताओं ने नियम को सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ भेदभावपूर्ण, झूठे मामलों को बढ़ावा देने और जाति-आधारित विभाजन पैदा करने वाला करार दिया। वक्ताओं ने कहा कि यह कानून शिक्षा के क्षेत्र में केंद्र सरकार के अत्यधिक केंद्रीकरण का भी संकेत है, जिससे विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता कम हो जाएगी और ऐसे में सामान्य वर्ग के छात्र कुंठित रह जाएंगे।यह कानून जातीय विभाजन वाला कानून है और परिसरों में भेदभाव को रोकने के बजाय, जाति के आधार पर छात्रों को बांटने वाला है।
वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ सरकार सबका साथ और सबका विश्वास के साथ सबका विकास के दावे कर रहे हैं और हिंदू एक जुटता पर बोल दे रहा है। दूसरी ओर इस तरह के कानून को लाकर जातीय उन्माद और सामाजिक वैमनस्यता को बढ़ावा दे रही है।इस तरह के दोहरेपन नीति से न केवल समाज बल्कि देश का विकाश नहीं विनाश होता है।
जनसभा के बाद शहर में विरोध मार्च निकाला गया, जो द्विजदेनी स्कूल के मैदान से निकलकर पटेल चौक,स्टेशन चौक,पोस्ट ऑफिस चौक,दीनदयाल चौक,छुआपट्टी,राजेंद्र चौक, एलएन पथ,फैंसी मार्केट होते हुए द्विजदेनी स्कूल के मैदान में समाप्त हुआ।विरोध मार्च में शामिल प्रदर्शनकारी यूजीसी बिल वापस लेने,सवर्ण समाज एकता मंच और आर्थिक आधार पर आरक्षण व्यवस्था लागू करने की तख्तियां लिए हुए सैकड़ों बाइक पर सवार थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार ठाकुर

