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सामाजिक विज्ञान अनुसंधान डिज़ाइन में उत्कृष्टता विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ

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सामाजिक विज्ञान अनुसंधान डिज़ाइन में उत्कृष्टता विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ


भागलपुर, 15 मई (हि.स.)। सामाजिक विज्ञान अनुसंधान डिज़ाइन में उत्कृष्टता विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ शुक्रवार को को बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर में हुआ। इस कार्यशाला का आयोजन स्नातकोत्तर एवं पीएच.डी. विद्यार्थियों के लिए किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में अनुसंधान पद्धतियों तथा समकालीन दृष्टिकोणों की उनकी समझ को सुदृढ़ करना है।

उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में बिहार कृषि महाविद्यालय सबौर की एसोसिएट डीन-सह-प्राचार्य डॉ. रूबी रानी तथा कॉलेज ऑफ़ एग्री बिजनेस मैनेजमेंट, सबौर के एसोसिएट डीन-सह-प्राचार्य डॉ. एम.के. वाधवानी उपस्थित रहे। अतिथियों ने समकालीन कृषि एवं ग्रामीण विकास की चुनौतियों के समाधान में सामाजिक विज्ञान अनुसंधान के बढ़ते महत्व पर बल दिया। प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए कृषि प्रसार शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. आदित्य सिन्हा, अध्यक्ष, कृषि प्रसार शिक्षा विभाग ने अनुसंधान में दृढ़ता, आलोचनात्मक चिंतन तथा अंतः विषयक दृष्टिकोण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि कार्यशाला को इस प्रकार तैयार किया गया है कि प्रतिभागियों को अनुसंधान डिज़ाइन, सैम्पलिंग, डेटा संग्रहण तथा अकादमिक लेखन के विभिन्न आयामों का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। कार्यशाला के प्रथम दिन सामाजिक विज्ञान अनुसंधान का परिचय, सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान डिज़ाइन, मापन के स्तर, सैम्पलिंग डिज़ाइन एवं तकनीकें, डेटा संग्रहण विधियाँ तथा अनुसंधान समस्या एवं परिकल्पना निर्माण जैसे विषयों पर तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। कृषि प्रसार शिक्षा विभाग के संकाय सदस्यों ने इन सत्रों का संचालन तथा प्रतिभागियों के साथ विस्तृत संवाद भी किया।

कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक विज्ञान विषयों से जुड़े 38 विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिन्हें आगामी दो दिनों में आयोजित गहन विचार-विमर्श एवं व्यावहारिक सत्रों से लाभ मिलने की अपेक्षा है। कार्यशाला के दूसरे दिन साहित्य समीक्षा, गुणात्मक अनुसंधान में विश्वसनीयता एवं वैधता, शोध प्रबंध लेखन, अनुसंधान नैतिकता तथा शोध प्रस्ताव विकास जैसे विषयों पर सत्र आयोजित किए जाएंगे।

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हिन्दुस्थान समाचार / बिजय शंकर